राजगीर (नालंदा दर्पण)। पर्यटक नगरी राजगीर के प्रसिद्ध जू सफारी में विश्व बाघ दिवस के अवसर पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाघों की घटती संख्या के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना और उनके संरक्षण में जनसहभागिता को प्रोत्साहित करना था। बाघों के महत्व और उनके प्राकृतिक आवास को बचाने की आवश्यकता पर केंद्रित इस आयोजन ने बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी में उत्साह जगाया।
कार्यक्रम की शुरुआत पर्यटकों के बीच रंग-बिरंगे टाइगर मास्क वितरण के साथ हुई। इन मास्कों ने न केवल बच्चों में उत्साह भरा, बल्कि बड़ों को भी बाघों के संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाया। सफारी गाइड्स ने बाघों की जीवनशैली, उनके आवास और संरक्षण के उपायों पर विस्तार से जानकारी साझा की।
पर्यटकों को बताया गया कि बाघ पारिस्थितिक तंत्र के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। क्या आप बता सकते हैं कि एक शीर्ष शिकारी के बिना जंगल का संतुलन कैसे बिगड़ सकता है?
कार्यक्रम में शामिल अधिकारियों ने बाघों के प्राकृतिक आवास, उनकी रक्षा, भोजन प्रबंधन और जैव विविधता को बनाए रखने के प्रयासों पर प्रकाश डाला। इस दौरान एनिमल कीपर्स के योगदान को भी सराहा गया और कुछ कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर सहायक वन संरक्षक अजय कुमार, पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रंजीत कुमार, डॉ. अमित कुमार, वनों के क्षेत्र पदाधिकारी शिवम सिन्हा समेत कई वनकर्मी मौजूद रहे।





