पर्यटन
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पावापुरी महोत्सव 2023 का बड़ा आकर्षण बने सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र, सीएम हुए अभिभूत
पावापुरी (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिला अंतर्गत भगवान महावीर की निर्वाण भूमि पावापुरी में बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा आयोजित महावीर के 2549 वें निर्वाण अवसर पर शनिवार से शुरू हुए दो दिवसीय पावापुरी महोत्सव 2023 में विश्वविख्यात सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र अपनी कला का अद्भुत नमूना पेश कर…
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पावापुरी महोत्सवः पहली बार बिना कुछ बोले निकल गए सीएम नीतीश कुमार
पावापुरी (नालंदा दर्पण)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भगवान महावीर के 2549 वें निर्वाण दिवस के अवसर पर आयोजित पावापुरी महोत्सव का उद्घाटन करने के लिए पावापुरी पहुंचे। यह दो दिवसीय महोत्सव नालंदा के पावापुरी भगवान महावीर विज्ञान संस्थान में आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार…
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प्रशासनिक रोक के बावजूद जलायी जा रही पराली, राजगीर में 337 पहुंचा एक्यूआइ
राजगीर (नालंदा दर्पण)। शरद ऋतु के आगमन के साथ राजगीर नगर की आबोहवा खराब होने लगी है। राजगीर की वायु गुणवत्ता खराब हो रही है। घने जंगल, पहाड़ी होने के बाद भी पर्यटक शहर राजगीर की वायु गुणवत्ता सूचकांक सुधरने के बजाय खराब होती जा रहा है। आमजन के साथ सूर्य…
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राजगीर के वैभारगिरि पर है सर्पशौंडिक पब्हार, जहाँ भगवान बुद्ध का था निवास
राजगीर (नालंदा दर्पण)। पंच पहाड़ियों से घिरा राजगीर प्राचीन धरोहरों की खान है। पुरातत्व की खोज एक टीम ने कई प्रमाणों के आधार पर वैभारगिरि पर सर्पशौडिक पब्हार (पहाड़) खोजने का दावा किया है। यह गर्म कुंड से लगभग डेढ़ किमी पश्चिम मार्क्सवादीनगर के निकट उत्तरी ढलान पर स्थित है। आधा पहाड़…
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राजगीर सूर्य कुंड के जल से बनता है खरना का प्रसाद, सांध्य अर्ध्य बाद होती है गंगा आरती
राजगीर (नालंदा दर्पण)। लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर राजगीर कुंड क्षेत्र में विशेष तैयारी होती है। साफ- सफाई, रौशनी की व्यवस्था होती है। फूलमाला से पूरे कुंड क्षेत्र को सजाया जाता है। छठव्रती सूर्य कुंड के जल से खरना का प्रसाद बनाती हैं। छठ के दिन संध्या में अर्ध्य…
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नालंदा और विक्रमशिला से भी पुराना है तेलहाड़ा विश्वविद्यालय !
नालंदा दर्पण डेस्क। नालंदा का अपना गौरवमय अतीत रहा है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में इसका नाम दुनिया में रौशन था। जब देश के प्राचीन विश्वविद्यालयों की बात तो नालंदा-बिक्रमशिला विश्वविद्यालय का नाम लिया जाता है। लेकिन सच तो यह है कि इन दोनों विश्विद्यालय से भी प्राचीन तेलहाड़ा (तेल्हारा) विश्वविद्यालय…
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संरक्षण के अभाव में बिखर रहे हैं नालंदा की इस ‘छोटी अयोध्या’ के सुनहरे अतीत
नालंदा दर्पण डेस्क (रामकुमार वर्मा)। शासक लोग समय के साथ शहरों का नाम बदलते रहे हैं। नालंदा के आज का इस्लामपुर कभी ईशरामपुर के नाम से जाना जाता था। जिसे अंग्रेजों ने नाम बदलकर इस्लामपुर कर दिया। अंग्रेज कभी इस जगह को अपने भ्रमण के लिए इस्तेमाल करते थे। इस्लामपुर का…
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नालंदा विश्वविद्यालय से भी प्राचीन है तेल्हाड़ा विश्वविद्यालय
नालंदा दर्पण डेस्क। नालंदा की धरती ने पूरी दुनिया को अपने ज्ञान से आलोकित किया है। उदंतपुरी, तेल्हाड़ा, तथा नालंदा विश्वविद्यालय ये अकूत ज्ञान के पुंज रहे हैं। यही कारण है कि यहां की मिट्टी का तिलक लगाकर लोग आज भी स्वयं को धन्य समझते हैं। तेल्हाड़ा विश्वविद्यालय का अपना गौरवशाली…
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जहाँ कश्मीर के अंतिम शासक की कब्र पर आज चर रही गाय-बकरियां
नालंदा दर्पण डेस्क। ‘अजीम ओ शान शहंशाह, हमेशा हमेशा सलामत रहे, हिंदुस्तान तेरी जान, तू जान-ए-हिंदुस्तान’। हिंदुस्तान के शहंशाहों की शान ओ शौकत के क्या कहने,एक दौर हुआ करता था, जब उनके जलबे हुआ करते थे। रंगीन महफिलें जमा करती थीं। इतिहास से जुड़े लोगों, शासकों के जन्म और मृत्यु की…
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चीन की दीवार से भी प्राचीन है राजगीर का सायक्लोपियन वाल, नालंदा का दूसरा बड़ा धरोहर
नालंदा दर्पण डेस्क। दुनिया के 7 अजूबों में शुमार द ग्रेट वाल आफ चाइना के चर्चे तो आपने काफी सुनी होंगी। मगर रूकिए। क्या आपको पता है कि चीन की दीवार से भी पुरानी करीब 40 किलोमीटर लंबी और काफी मजबूत एक दीवार बिहार में भी है। राजगीर की साइक्लोपियन वाल…









