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    Sunday, April 21, 2024
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      पावापुरी महोत्सव 2023 का बड़ा आकर्षण बने सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र, सीएम हुए अभिभूत

      पावापुरी (नालंदा दर्पण)।  नालंदा जिला अंतर्गत भगवान महावीर की निर्वाण भूमि पावापुरी में बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा आयोजित महावीर के 2549 वें निर्वाण अवसर पर शनिवार से शुरू हुए दो दिवसीय पावापुरी महोत्सव 2023 में विश्वविख्यात सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र अपनी कला का अद्भुत नमूना पेश कर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अभिभूत कर दिया।

      Chief Minister Nitish Kumar admires the artwork of sand artist Madhurendra 5वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मधुरेंद्र द्वारा एक ट्रक रेत पर भगवान महावीर की अहिंसा परमो धर्म की तसवीर को कुछ देर तक निहारते हुए अपनी शीश झुकाकर प्रणाम भी की।

      सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र ने महोत्सव पंडाल में बने मुख्य सांस्कृतिक मंच के सामने रखें बालू पर भगवान महावीर का विशाल आकृति उकेर अपनी बेहतरीन कला से अहिंसा परमो धर्म का संदेश दिया हैं। यह मुख्य यह आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

      बता दे कि सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र द्वारा बालू पर उकेरी गयी कलाकृति विश्व के धरोहर में प्रसिद्ध नालंदा के पावापुरी में स्थित भगवान महावीर पर आधारित हैं। मधुरेंद्र ने यह कलाकृति देश-विदेश तथा कई प्रदेशों से आये हुए जैन सैलानियों व आम नागरिकों के स्वागत के लिए बनाई है।Chief Minister Nitish Kumar admires the artwork of sand artist Madhurendra 3

      मधुरेंद्र की यह भव्य कलाकृति बनाकर खूब वाहवाही लूट रही है। जो भी लोग देख रहा हैं। वह अपने सेलफोन में अपनी तस्वीर कैद कर रहें हैं।

      सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र हमेशा देश विदेशों में हुए प्रकृति घटनाएं तथा जवलंत विषयों पर तुरंत अपनी विशेष कलाकृति प्रस्तुत कर समाज को नया संदेश देते हैं। इनके झोली में वैश्विक शान्ति सम्मान, राष्ट्रपति सम्मान, बिहार रत्न, चम्पारण गौरव, यूथ आईकॉन, आम्रपाली सम्मान, वैशाली गणराज्य, मगधरत्न, शाहिद सम्मान सहित सैकड़ों एवार्ड हासिल कर चुके हैं।

      सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र सार्क देश नेपाल के विश्व प्रसिद्ध गढ़ी माई मेला, अंतराष्ट्रीय रेत कला उत्सव ओड़िसा, विश्वप्रसिद्ध सोनपुर मेला, बिहार के राजगीर महोत्सव, बौध महोत्सव गया, थावे महोत्सव, मंदार महोत्सव बांका, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, सहित देश विदेशों में सैकड़ों सरकारी आयोजनों में अपनी कला का प्रदर्शन कर कर बिहार का नाम अंतराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया हैं।

      जब चलने लगती है मधुरेंद्र की अंगुलियों की जादू तो बोल उठती हैं रेतः भारत की कला संस्कृति को विदेश में पहचान दिलाने वाले बिहार के मिट्टी में उपजे अंतरराष्ट्रीय रेत कलाकार मधुरेंद्र कुमार का सैंड आर्ट। जिसे देख हर कोई मोहित हो रहा हैं। कहा जाता हैं कि “जहां चाह हैं, वही राह” हैं। इसको चरितार्थ करते हैं मधुरेन्द्र।Chief Minister Nitish Kumar admires the artwork of sand artist Madhurendra 2

      इनमें त्याग और समर्पण इतना कि दिन-रात कठिन परिश्रम कर चाहे चिलचिलाती धूप हो या कपकपाती ठंड का कहर, हर मौसम में भी एक ठोस पहाड़ की भांति अडिग रह अपनी कला साधना में लीन रहतें हैं।

      और अपनी बेमिसाल कलाकारी का बेहतरीन नमूना पेश कर आये दिन देश-दुनियां को को नया पैगाम देने में जुटे रहतें हैं। जब इनकी अंगुलियों की जादू चलती हैं तो रेत भी बोल उठती हैं।

      बिहार के युवा सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र ने अंतरराष्ट्रीय स्तर बढ़ाया देश मानः अंतर्राष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार बिहार लोकसभा चुनाव 2019, बिहार विधानसभा 2020 और स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 के ब्रांड एंबेसडर सहित इंटरनेशनल सैंड फेस्टिकल के विजेता भी हैं। मधुरेंद्र पिछले 25 सालों से सैंड आर्ट बना रहे हैं। उनकी कई रेत की मूर्तियां अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुकी हैं।

      इंटरनेशल सैंड आर्ट विजेता रेत कलाकार मधुरेंद्र ने दुनियां भर में 12 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय रेत कला प्रतियोगिताओं और उत्सवों में भाग लिया है और देश के लिए कई पुरस्कार जीते हैं।Chief Minister Nitish Kumar admires the artwork of sand artist Madhurendra 1

      सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र अंतराष्ट्रीय सैंड आर्ट अवार्ड 2019 के विजेता हैं और राष्ट्रपति सम्मान, बिहार रत्न, राज्यस्तरीय युवा पुरस्कार समेत दर्जनों राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर के अवार्ड जीत कर हिंदुस्तान का मान बढ़ाया हैं।

      नए साल में मधुरेंद्र ने बनायी दुनिया की सबसे बड़ी रेत कलाकृतिः बिहार के सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने रेत पर लाल किला की कलाकृति बनाने के लिए 5 ट्रक बालू का प्रयोग किया।

      विश्व प्रसिद्ध रेत कलाकार मधुरेंद्र कुमार ने नया साल 2023 के अवसर पर मुंगेर के माधोपुर काठ पुल स्थित हनुमान मंदिर परिसर में लाल किले की रेत की मूर्ति बनाई। 20 फीट ऊंची और 40 फीट चौड़ी लाल किला को बनाने के लिए सैंड आर्टिस्ट ने लगभग 1 टन बालू का उपयोग किया।

      कुमार ने दावा किया कि वर्ष 2023 का पहला उनकी रचना रेत से बनी लाल किला की तस्वीर दुनियां की सबसे बड़ी कलाकृति है, जिसका वजन 1 टन है और इसे बनाने में 20 घंटे का समय लगे। यह रेत कलाकृति सोशल मीडिया में खूब वायरल होने के साथ अखबारों व टीवी चैनलों पर भी काफी सुर्खियां भी बटोरी थी।Chief Minister Nitish Kumar admires the artwork of sand artist Madhurendra 1

      कलाकृतियों से समाज को संदेशः यह युवा कलाकार मधुरेन्द्र रोड पर फेंके हुए कचरे से उत्पन्न दुष्प्रभाव व गुटखों के रैपर से अपनी कलाकृतियां बनाकर लोगों को नशीले चीजों के सेवन से बचने का संदेश देतें हैं।

      इतना ही नहीं ये बालू पर महापुरुषों की जयंती से लेकर श्रंद्धाजलि तक, देश-दुनिया की धरोहर और विरासतों की आकर्षक आकृति, देवी-देवताओं की प्रतिमा, मानव स्वाथ्य, नशा का दुष्प्रभाव, मधनिषेध, धूम्रपान निषेध, बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओ, नारी उत्पीड़न, मजबूर-बेबस, हिंसा, शोषण, बाल मजदूर, भ्रूण हत्या, जल संरक्षण, जल, वायु और मृदा प्रदूषण, पशु-पंछी संरक्षण, जनसंख्या नियंत्रण, प्रकृति आपदा व आतंकवाद आदि जैसे कुरीतियों तथा कई जवलंत विषयों पर अपनी कला का प्रदर्शन कर समाज को नया संदेश देते हैं।

      मिला चुका हैं अवार्डः अंतराष्ट्रीय रेतकला उत्सव विजेता सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र को अपनी कठिन परिश्रम के बदौलत लोकसभा चुनाव 2019 व विधानसभा आम चुनाव 2020 में निर्वाचन आयोग भारत सरकार का ब्राण्ड अम्बेसडर चुने गए। फिलहाल स्वच्छ सर्वेक्षण 2022के ब्रांड एंबेसडर हैं।

      Chief Minister Nitish Kumar admires the artwork of sand artist Madhurendra2इसके अलावे राष्ट्रीय अंतराष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार जैसे इंटरनेशनल सैंड आर्ट फेस्टिवल अवार्ड, इंटरनेशनल चिल्ड्रेन फिल्म पुरस्कार, राष्ट्रपति सम्मान, भारत नेपाल मैत्री संबंध सम्मान, फ्रेंडशिप ऑफ इंडिया एंड अमेरिका सम्मान, वैश्विक शान्ति पुरस्कार, बिहार गौरव अवार्ड, विश्वप्रसिद्ध सोनपुर मेला सम्मान,  बिहार रत्न, ग्लोबल बिहार एक्सीलेंस अवार्ड, डॉ राजेन्द्र प्रसाद शिरोमानी सम्मान, शाहिद सम्मान, कला सम्राट सम्मान, आम्रपाली पुरस्कार, चम्पारण रत्न, वैशाली गणराज्य सम्मान, केसरिया महोत्सव सम्मान, बांका महोत्सव सम्मान,  चम्पारण गौरव अवार्ड, बौद्ध महोत्सव सम्मान, वैशाली महोत्सव सम्मान, मिस्टर चम्पारण, राजगीर महोत्सव सम्मान, थावे महोत्सव सम्मान, राज्य स्तरीय युवा पुरस्कार, आईकॉन ऑफ चम्पारण, ग्लोबल पीस अम्बेसडर अवार्ड, मगध रत्न अवार्ड व युथ आईकॉन अवार्ड सहित सैकड़ों से ज्यादा पुरस्कार इनके झोली में हैं।

      कला का प्रदर्शनः सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र ने नेपाल के विश्वप्रसिद्ध गढ़ीमाई मेला, श्रीलंका, यूएसए, भूटान, रूस, जापान तथा थाईलैंड सहित शार्क देशों के साथ प्रतिनिधित्व कर प्रसिद्ध लोकआस्था के महान पर पर्व छठ-पूजा पर की कलाकृति बनाकर कर सभी विदेशी प्रतिभागियों के बीच अपनी कला का प्रदर्शन बिहार की सोंधी मिट्टी की खुशबू का एहसास करा दिया था।

      वही एशिया फेम सोनपुर मेला व सरकारी महोत्सव तथा देश-प्रदेश  के विभिन्न सभी छोटे-बड़े शहरों मुंबई, महाराष्ट्र, दिल्ली, गाजियाबाद, पंजाब, भटिंडा, उत्तर प्रदेश, लखनऊ, इलाहाबाद, पश्चिम बंगाल, ओड़िसा, किशनगंज, राजगीर, बोधगया, थावे तथा चम्पारण में भी अपनी कला प्रदर्शन कर चुके हैं।Chief Minister Nitish Kumar admires the artwork of sand artist Madhurendra

      पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने की थी सराहनाः देश पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने भी 2012 में मधुरेन्द्र द्वारा बनायीं गयी विकसित देश भारत में विज्ञान के विकास का महत्व पर आधारित कलाकृति को देख प्रशंशा की थी।

      वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और ओड़िसा गवर्नर प्रो गणेशी लाल व ओडिशा के रेत कलाकार पद्मश्री सुदर्शन पटनायक सहित बड़े-बड़े राजनेताओं व वरीय प्रसाशनिक अधिकारियों तथा देश-विदेश के सैलानियों को भी अपनी कला का लोहा मनवा चुके हैं।

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