कतरीसराय में साइबर ठगी नेटवर्क का फरार आरोपी 399 सिम कार्ड के साथ गिरफ्तार
फरार आरोपी साइबर ठगों को ₹2,000 प्रति सिम के हिसाब से करता था आपूर्ति, पुलिस ने छह मोबाइल, चार पेन ड्राइव और एटीएम कार्ड भी किया बरामद।

कतरीसराय (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के कतरीसराय थाना पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगों तक मोबाइल सिम कार्ड पहुंचाने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 399 विभिन्न कंपनियों के सिम कार्ड, छह मोबाइल फोन, चार पेन ड्राइव और एक एटीएम कार्ड बरामद किया गया है। पुलिस इस बरामदगी को साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क से जोड़कर जांच कर रही है।
थानाध्यक्ष धर्मेन्द्र कुमार ने बताया कि गिरीयक-कतरीसराय थाना कांड संख्या-342/24 के वांछित अभियुक्त सुजीत कुमार की गिरफ्तारी गुप्त सूचना के आधार पर की गई। सूचना मिली थी कि वह कतरीसराय बाजार से लालबिगहा गांव जाने वाले मार्ग पर स्थित अपने किराये के तीन मंजिला मकान में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस टीम ने त्वरित छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान कतरीसराय थाना क्षेत्र के लोहराजपुर गांव निवासी अर्जुन प्रसाद के 32 वर्षीय पुत्र सुजीत कुमार के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उसके पास से भारी संख्या में सिम कार्ड सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने पुलिस के समक्ष स्वीकार किया कि वह साइबर ठगों को प्रति सिम कार्ड दो हजार रुपये लेकर उपलब्ध कराता था। पुलिस अब बरामद मोबाइल, पेन ड्राइव और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं।
थानाध्यक्ष के अनुसार आरोपी काफी समय से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी से साइबर ठगी के नेटवर्क तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
इस अभियान का नेतृत्व थानाध्यक्ष धर्मेन्द्र कुमार ने किया। छापेमारी दल में एसआई मुकुंद भारती, एएसआई धर्मेन्द्र कुमार, एएसआई मुकेश कुमार तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय साइबर अपराधियों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
बड़ा रोचक तथ्य यह है कि यदि आरोपी के कबूलनामे के अनुसार सभी 399 सिम कार्ड साइबर ठगों को ₹2,000 प्रति सिम की दर से उपलब्ध कराए गए हों, तो केवल सिम कार्ड की आपूर्ति से ही करीब ₹7.98 लाख का अवैध कारोबार होने की आशंका बनती है। यही कारण है कि पुलिस अब इस पूरे साइबर नेटवर्क की वित्तीय और तकनीकी जांच को भी आगे बढ़ा रही है।






