सीबीआई के नाम पर उज्जैन के कारोबारी को लगाया 2 करोड़ का चूना

नालंदा दर्पण डेस्क। नालंदा जिला मुख्यालय बिहारशरीफ में बैठकर साइबर ठगों ने मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर के एक स्टील कारोबारी को सीबीआई अधिकारी बन कर गिरफ्तार किए जाने का भय दिखाया और 2 करोड़ रुपए की ठगी कर ली। यही नहीं, धोखेबाजों ने ठगी की रकम को एक साथ 40 बैंक खातों में तत्काल ट्रांसफर भी कर दिए।

उज्जैन पुलिस ने इस मामले में जिन साइबर ठगों को दबोचा है, उनमें बिहारशरीफ के भैंसासुर निवासी रामचन्द्र साव का 35 वर्षीय पुत्र मुकेश कुमार, नालंदा के बारापुर गांव निवासी ब्रजनंदन प्रासद का 23 वर्षीय पुत्र अमरेन्द्र कुमार, किंजर गांव निवासी मुन्ना आलम का 18 वर्षीय पुत्र शाहनवाज शामिल है। पुलिस ने इन आरोपयों से 10 मोबाइल भी जब्त किए हैं।

खबरों के अनुसार उज्जैन के एक स्टील कारोबारी जब माधवनगर थाने में शिकायत की तो पुलिस भी दंग रह गई। एसपी प्रदीप शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करते हुए 5 टीम बनाई और आरोपियों को पकड़ने के निर्देश दिए। पुलिस ने यूपी और बिहार से 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

दरअसल स्टील कारोबारी के पास बीते 12 अप्रैल,2024 को मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आया। जिसमें उन्हें बताया किया कि जेट एयरवेज के मालिक नरेश गोयल के द्वारा किए गए फ्रॉड का रुपए उनके बैंक खाते में आया है। स्वंय को सीबीआई अफसर बताकर आरोपियों ने राजकमल के मोबाइल पर सीबीआई, महाराष्ट्र पुलिस के लेटर हेड भी भेजे।

करोड़ों रुपए के स्कैम की बात सुनकर स्टील कारोबारी घबरा गया। जिसका फायदा ठगों ने उठाया और आरटीजीएस के माध्यम से तीन बार में पंजाब नेशनल बैंक शाखा नालंदा में 2 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन करवा लिया। ठगों ने उन्हे यह भी बताया कि अगर वह निर्दोष है तो उनके 2 करोड़ रुपए वापस मिल जाएंगे। उक्त घटना के 4 दिन बाद स्टील कारोबारी को उनके साथ ठगी होने का आभास हुआ तो उन्होंने उज्जैन के माधवनगर थाना पुलिस से शिकायत की।

इस प्रकार सनसनीखेज ठगी का मामला सामने आते ही उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने सीएसपी दीपिका शिंदे के नेतृत्व में साइबर सेल और क्राईम ब्रांच के साथ मिलकर 5 टीमें बनाई। सभी ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए और व्हाट्सएप कॉलिंग के साथ जिस बैंक खाते में रुपए ट्रांसफर किए गए थे, उनकी जानकारी जुटाई।

इसके बाद पुलिस की टीम नालंदा पहुंची। जहां पर बैंक शाखा में जाकर जिस खाते में रुपए ट्रांसफर हुए थे, उसकी जानकारी निकाली तो पुलिस अधिकारी भी दंग रहे गए। उक्त खाता में आए 2 करोड़ रुपए को 40 खातों में ट्रांसफर कर दिए गए थे।

उज्जैन पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी अमरेन्द्र बिहार की जेल में बंद था। जहां उसकी मुलाकात अनिल कुमार से हुई थी। तब जेल में ही दोनों ने ऑनलाइन ठगी की योजना बनाई और फेसबुक के माध्यम से कई ऐसे लोगों से जुडे, जो कम कीमत पर बैंक खातें किराए पर देते थे। अमरेन्द्र ने कई लोगों के बैंक खाते किराए पर लिए और ठगी करने लगा।

पुलिस के अनुसार शुरूआती जांच में ही पुलिस को अब तक 4 करोड़ रुपए के लेनदेन की जानकारी मिली है। शहर के स्टील कारोबारी के साथ धोखाधड़ी में भी अमरेन्द्र का ही हाथ है। उसने ही मुकेश के बैंक खाते में रुपए ट्रांसफर किए थे। उसके बाद ये रुपए 40 लोगों के बैंक खाते में गया।

उज्जैन पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने पहले एएमएमएफ ऑरवर्ड मोबाइल एप के माध्यम से ठगी के 2 करोड़ रुपए कई लोगों को ट्रांसफर किए। इसके बाद उन्होंने बीनानस एप के माध्यम से उक्त ठगी के रुपयों को डॉलर में कन्वर्ट कर अपने बैंक खाते में जमा करवा लिए।

पुलिस का कहना है कि इस बड़े गिरोह के पीछे ओर भी लोग हो सकते है। फिलहाल पुलिस ने सभी बैंक खातों को होल्ड करवा दिया हैं। जल्द ही स्टील कारोबारी के रुपए को रिकवर करने का प्रयास किया जाएगा।

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