Social media viral video: ACS एस सिद्धार्थ साहब, जरा देख लीजिए इस BPSC टीचर की नौटंकी

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। सोशल मीडिया पर वायरल होने की ललक (Social media viral video) युवाओं के लिए कोढ़ साबित हो रही है। वे खुद तो मजाक के पात्र बन ही रहे हैं, व्यवस्था को भी मजाक का पात्र बना रहे हैं। प्रशासन द्वारा इस पर गंभीरता नहीं बरतना एक अलग समस्या है।

एक ऐसा ही रोचक मामला नालंदा जिले के इस्लामपुर प्रखंड अंतर्गत केवाली गांव अवस्थित सरकारी मध्य विद्यालय केवाली से जुड़ा प्रकाश में आया है। इस संबंध में एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। कहा जाता है कि इससे जुड़े सारे वीडियो एक यूट्यूबर द्वारा शूट किया गया है और उसी के द्वारा वायरल किया गया है।

वायरल वीडियो में दिखाया जा रहा है कि एक बीपीएससी शिक्षिका ताड़ के पेड़ पर कुछ लिख रही है और उसके नीचे दर्जन भर बच्चे बैठे टुकुर-टुकुर ताक रहे हैं। इस वीडियो को पूरी सुनियोजित तरीके से रिकार्ड किया गया है। इसके पीछे एक यूट्यूबर का हाथ बताया जा रहा है। जिसके झांसे में स्कूल की शिक्षिका भी आ गई है, ताकि उसे भी सोशल मीडिया की सुर्खियां मिल सके।

दरअसल मध्य विद्यालय केवाली का अपना विद्यालय भवन है। आवश्यकतानुसार कमरों की कमी है। कुछ वुनियादि सुविधाओं की यहां आवश्यकता है। लेकिन वहां बच्चों के बैठने की इतनी भी कमी नहीं बताई जाती है। फिर भी मासूम बच्चों को जमीन पर बैठाकर सोशल मीडिया पर वायरल होने का खेल खेला गया है। सामने दो कुर्सी भी रखी हुई है और शिक्षिका एक नजर आ रही है। जाहिर है कोई दूसरा इसे रिकार्ड कर रहा है।

हांलाकि विद्यालय भवन में मौजूद कमरों की दीवारों पर ब्लैकबोर्ड बना हुआ है। अगर नहीं भी बना हुआ है तो ताड़ के पेड़ पर लिखकर यूट्यूबरों-मीडिया की खुराक बनने और सोशल मीडिया पर वायरल होने की शिक्षिका की मंशा को कभी उचित नहीं ठहराया जा सकता है।

यहां एक अन्य विद्यालय भवन निर्माणधीन बताया जाता है। जिसमें ग्रामीणों द्वारा कुछ अड़चनें बताई जा रही है। लेकिन समस्या इतनी भी गंभीर नहीं है कि उसे ताड़ के पेड़ पर या उसके नीचे बनाबटी संरचना के जरिए तमाशा बनाया जाए। व्यवस्था को शर्मसार किया जाए।

बहरहाल, शिक्षा विभाग प्रशासन को त्वरित पड़ताल कर सोशल मीडिया पर वायरल होने की मानसिकता से ग्रसित ऐसे शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ लालची यूट्यूबरों और वायरल करने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही इस विद्यालय की बुनियादि सुविधाओं की सुनिश्चितता का भी आंकलन जरुरी है।

नीचे देखिए मध्य विद्यालय केवाली का एक संंबधित वायरल वीडियोः

Nalanda Darpan

नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »

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