Fatuha-Islampur railway line route: ग्रामीणों ने पुलिस बल के साथ पहुंचे रेलवे टीम को खदेड़ा

हिलसा (नालंदा दर्पण)। फतुहा-इस्लामपुर रेल मार्ग (Fatuha-Islampur railway line route) पर चंदकुरा मानव रहित रेलवे फाटक के समीप रेल हादसे के बाद उक्त फाटक को बंद कराने पुलिस बल के साथ पहुंचे रेल विभाग के अधिकारियों एवं कर्मियों को ग्रामीणों ने खदेड़कर भगा दिया।

बता दें कि रविवार को दोपहर 3:15 बजे चंदकरा गांव से लौटने के क्रम में हिलसा स्थित एक पब्लिक स्कूल की मिनी बस हिलसा स्टेशन से फतुहा की ओर जा रहे डीएमयू यात्री ट्रेन की चपेट में आ गया था। जिससे उस स्कूल वाहन का परखच्चे उड़ गए थे। जिस पर सवार चार लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे।

उसी मामले को लेकर रेल विभाग के अधिकारियों की टीम दोपहर पुलिस बल के साथ चंदकुरा गांव के पास स्थित रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंचे और उसे बंद करने की कवायद में जुट गए। इसकी सूचना मिलते ही सैकड़ो ग्रामीणों ने उक्त स्थल पर पहुंचकर हो-हंगामा करते हुए रेलवे फाटक बनाए जाने की मांग करने लगे।

ग्रामीणों का कहना था कि चंदकुरा गांव के तीन वार्ड को मिलाकर यहाँ की आबादी लगभग 2000 से अधिक है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का नए भवन का निर्माण इसी पथ के आगे होगा। इसी पथ से आगे प्राथमिक विद्यालय तथा आंगनबाड़ी केंद्र भी है। शिक्षकों तथा ग्रामीणों को इसी रास्ते से आना-जाना होता है। मुख्य सड़क से चंदकरा गाँव के लोगों का आवागमन इसी रास्ते से होता है। इसीलिए यहां रेलवे क्रॉसिंग को बंद करने के बजाय रेलवे फाटक का निर्माण होनी चाहिए।

Nalanda Darpan

नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

error: Content is protected !!
शांति और ध्यान का अद्भुत अनुभव बोधगया वैशाली का विश्व शांति स्तूप विक्रमशिला विश्वविद्यालय के बहुरेंगे दिन राजगीर सोन भंडारः दुनिया का सबसे रहस्यमय गुफा