Rajgir Nagar Parishad: यहाँ कमीशनखोरी ने फोड़ डाले CM नीतीश के सारे तीसरी आँख

राजगीर (नालंदा दर्पण)। राजगीर नगर परिषद (Rajgir Nagar Parishad) क्षेत्र के चौक चौराहों पर कहीं भी सीसीटीवी कैमरे (तीसरी आँख) नहीं लगाए जा सके हैं। प्राकृतिक सांस्कृतिक ऐतिहासिक धरोहरों की धरती राजगीर में नगर परिषद क्षेत्र के कुल 32 वार्डों में से किसी भी वार्ड में कहीं भी सरकारी सीसीटीवी कैमरा सार्वजनिक स्थलों पर नजर नहीं आते है।

वर्ष 2017 में ही तत्कालीन डीएम डॉ. त्यागराजन एम एस के आदेश पर राजगीर नगर परिषद क्षेत्र के सभी चौक चौराहों और महत्वपूर्ण स्थलों पर एम ऐडकम कंपनी द्वारा 36 सीसीटीवी कैमरे लगाये गये थे। उसका उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा किया गया था। इसका उपयोग शहर में किसी घटना, दुर्घटना, अपराधिक घटनाओं आदि की शिनाख्त करने में पुलिस-प्रशासन द्वारा किया जाता रहा है। सभी सीसीटीवी कैमरे का नियंत्रण सपी चैम्बर के बगल के कमरे में होता था।

इसका खुलास तब हुई, जब शहर के एक व्यक्ति की गुमशुदगी का पता करने के लिए अनुमंडल के सीसीटीवी कैमरे का फुटेज देखने की जरूरत पड़ी। राजगीर के पटेल चौक, गिरियक रोड चौराहा, देवी स्थान, मेन बाजार, कुण्ड क्षेत्र के, वीरायतन मोड़ आदि जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाये गये थे। तब शहर में किसी भी प्रकार की घटना दुर्घटना होने पर और अपराधिक घटना होने पर पुलिस द्वारा सीसीटीवी फुटेज देखकर अपराधियों की पहचान की जाती थी।

लेकिन वर्ष 2017 में ही कुछ दिनों बाद शहर के विभिन्न स्थानों लगाये गये सीसीटीवी कैमरे को खोलवा दिया गया। करीब पांच साल से पर्यटक शहर और नगर परिषद क्षेत्र में कहीं भी सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे है।

हालांकि एम ऐडकम कंपनी के संचालक का आरोप है कि आरंभिक काल से नगर परिषद के तात्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा सीसीटीवी कैमरे का शुल्क मांग की जाने लगा। कंपनी द्वारा 68 रुपये के हिसाब से शुल्क तय करने का अनुरोध किया गया था। लेकिन नगर परिषद द्वारा प्रति कैमरा 172 रुपये की मांग की जा रही है।

यही नहीं कंपनी के द्वारा बोधगया नगर परिषद और बिहारशरीफ नगर निगम में लग रहे दर तय करने का नगर परिषद से अनुरोध किया गया था, लेकिन नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा मुंबई का किराया तय किया गया।

नतीजतन कंपनी द्वारा राजगीर में उनके द्वारा लगाये गये सभी सीसीटीवी कैमरे को खोल लिया गया। वहीं नगर परिषद के जानकारों का कहना है कि संबंधित एम ऐडकम कंपनी द्वारा नगर परिषद को कोई बकाया शुल्क नहीं दिया जाता था।

दरअसल, राजगीर नगर परिषद के अफसरों की कमीशनखोरी का फायदा सीसीटीवी कैमरे लगाने वाले एम ऐडकम कंपनी ने उठाया और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा उद्घाटन किए जाने के बाबजूद परिषद क्षेत्र के सभी कैमरों को खोलकर हजम कर लिया गया। अब लोग फिर पूरे नगर परिषद क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की जा रही है।

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