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इंडियन बैंक परिसर में खाताधारक की मौत, लापरवाही का आरोप

इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। इस्लामपुर क्षेत्र अंतर्गत खुदागंज बाजार स्थित इंडियन बैंक की शाखा में एक दुखद घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया। कटवारसलपुर गांव निवासी अर्जुन प्रसाद (55) की बैंक परिसर में अचानक मौत हो गई। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर दिया, बल्कि बैंक कर्मियों की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

जानकारी के अनुसार अर्जुन प्रसाद पिछले कई दिनों से अपने खाते की केवाईसी (Know Your Customer) प्रक्रिया पूरी करने और रुपये निकालने के लिए बैंक के चक्कर लगा रहे थे। शनिवार को भी वे सुबह-सुबह बैंक पहुंचे और परिसर में लगी कुर्सी पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और वे कुर्सी पर ही बेहोश हो गए। कुछ ही पलों में उनकी सांसें थम गईं।

इस घटना से बैंक परिसर में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों और अन्य खाताधारकों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रारंभिक जांच में हृदयगति रुकने (कार्डियक अरेस्ट) को मौत का कारण बताया जा रहा है।

घटना के बाद अर्जुन प्रसाद के परिजन शव को लेकर अपने गांव कटवारसलपुर लौट गए। परिजनों का कहना है कि अर्जुन कई दिनों से बैंक की लचर व्यवस्था से परेशान थे। बार-बार चक्कर लगाने के बावजूद उनकी केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं हो रही थी, जिसके कारण वे मानसिक तनाव में थे।

स्थानीय लोगों ने भी बैंक कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि समय पर उनकी समस्या का समाधान किया गया होता तो शायद यह नौबत नहीं आती। बैंक में कर्मचारियों की कमी और अव्यवस्था आम बात है। कई बार खाताधारकों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। अर्जुन जी जैसे बुजुर्ग व्यक्ति के लिए यह तनावपूर्ण बन गया।

इस संबंध में जब इंडियन बैंक के शाखा प्रबंधक से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने किसी भी तरह की टिप्पणी करने से साफ इंकार कर दिया। उनकी चुप्पी ने स्थानीय लोगों के बीच और अधिक आक्रोश पैदा कर दिया। लोगों का मानना है कि बैंक प्रबंधन की उदासीनता और लापरवाही इस दुखद घटना का एक प्रमुख कारण हो सकती है।

यह घटना न केवल एक परिवार के लिए दुखद है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाती है। ग्रामीण बैंकों में कर्मचारियों की कमी, तकनीकी समस्याएं और खाताधारकों के प्रति असंवेदनशील रवैया अक्सर चर्चा का विषय रहता है। अर्जुन प्रसाद की मौत ने इन समस्याओं को एक बार फिर उजागर किया है।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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