Wednesday, February 11, 2026
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    राजगीर पोस्ट ऑफिस में बुनियादि सुविधाओं की घोर किल्लत

    राजगीर (नालंदा दर्पण)। भारत सरकार के महत्वकांक्षी योजना का संचालन पोस्ट ऑफिस के द्वारा भी किया जा रहा है, जिसमें घोर लापरवाही बरती जा रही है।

    एक ओर भारत सरकार डिजिटल इंडिया की बात करती है दूसरी तरफ राजगीर पोस्ट ऑफिस अभी भी पुराने ढर्रे पर चल रहा है।

    भीड़-भाड़ अति व्यस्ततम इलाका  में पोस्ट ऑफिस रहने के कारण  यहां पार्किंग की कोई सुविधा नही है। लोग अपने रिक्स पर टू व्हीलर और फोर व्हीलर सड़क किनारे लगा कर पोस्ट ऑफिस में चिट्ठी लगाने जाते हैं।

    इस कारण लंबा-लंबा जाम सड़कों पर होता है, और हमेशा ग्राहकों को डर बना रहता है कि उनकी मोटरसाइकिल की चोरी ना हो जाए।

    अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक स्थल राजगीर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का सभी चीज का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन पोस्टल डिपार्टमेंट अभी तक पौराणिक सिस्टम से ही चल रहा है ।

    एक पोस्ट ऑफिसकर्मी ने बताया कि यहां काम करते-करते अगर बिजली चले जाने के वाद जितना भी डाटा एंट्री होता हैं स्पीड पोस्ट या रजिस्ट्री करने के, वे सब डिलीट हो जाते हैं , क्योंकि कंप्यूटर सिस्टम अचानक बंद हो जाता है।

    जब हमारे संवाददाता ने इसकी सूचना देने के लिए पोस्टल डिपार्टमेंट के सुपरिटेंडेंट का नंबर गूगल इंडिया से प्राप्त करना चाहा तो वहां तो बेसिक नंबर उपलब्ध है, लेकिन  उस नम्बर को डायल करने के बाद प्लीज चेक द नंबर यू हैव डायल्ड  सुनने को मिला। यही हाल राजगीर का पोस्ट ऑफिस के नंबर का भी हैं।

    बहरहाल यहाँ आम पब्लिक का हाल बेहाल हैं। डाकघर वचत योजना में निवेशकों से भी राजगीर के पोस्ट ऑफिस के बाबू लोग काम का लोड बताकर कल आने की बात बोल टरकाते रहते हैं।

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    नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके।

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