नालंदाबिग ब्रेकिंगहिलसा

पुलिस से पूछें हुजूर… मेरी बेटी को जमीन खा गया या आसमान निगल गया ?

बिहार शरीफ (नालंदा दर्पण )। नालंदा पुलिस की बड़ी लापरवाही को रेखांकित करते हुए एक अजीबोगरीब मामला चिक्सौरा थाना क्षेत्र से प्रकाश में आया है।

पुलिस ने जिस नाबालिग युवती के अपहरण के आरोप में चार युवक को अपहर्ता बनाकर जेल की हवा खिला दी, वह घटना के तीन साल बाद भी लापता है। पुलिस उस युवती का कोई सुराग पाने में विफल रही है।

इस मामले का सनसनीखेज खुलासा जिला किशोर न्याय परिषद की सुनवाई के दौरान हुई है। परिषद के समक्ष अपहृत युवती के पिता ने यक्ष प्रश्न रखा है कि उसकी पुत्री को धरती खा गया या आसमान निगल गया?

इस सवाल पर परिषद के प्रधान दंडाधिकारी मानवेन्द्र मिश्रा ने नालंदा एसपी को पत्र लिखकर नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में लंबित पूरक अनुसंधान की वर्तमान स्थिति से कोर्ट को अवगत कराने को कहा है।

उन्होंने मामले के अनुसंधानकर्ता को यह निर्देश देने को कहा है कि आगामी 30 सितम्बर तक वस्तुस्थिति से कोर्ट को अवगत काराए।

जज मिश्रा ने पुलिस से यह भी पूछा है कि

पिछले तीन सालों में पुलिस ने अपहृत लड़की की बरामदगी के लिए क्या प्रयास किए ?

लड़की की बरामदगी के लिए सार्वजनिक स्थानों पर गुमशुदगी का इश्तेहार चिपकाया गया या नहीं ?

अनुसंधानकर्ता ने मोबाइल लोकेशन प्राप्त किया या नहीं? यदि हाँ तो उसके आधार पर संभावित ठिकानों पर अपहृत की बरामदगी के लिए छापामारी की गई या नहीं ?

इस कांड के मुख्य आरोपी, जिस पर शादी की नियत से नाबालिग को फुसलाकर ले जाने का आरोप है और जिसने जुलाई, 18 में ही कोर्ट में सरेंडर किया था, अनुसंधानकर्ता ने उससे अपहृत के बारे में पूछताछ की या नहीं ?

दरअसल 16 जुलाई,2018 को नाबालिग लड़की के भाई ने अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराते हुए चार लोगों को आरोपी बनाया था। जिसमें एक विधि विरुद्ध किशोर (नाबालिग) भी शामिल था। सबों पर नाबालिग युवती को शादी की नियत से रात के समय बाहर ले जाने का आरोप लगाया गया था।

इस मामले की पड़ताल के दौरान अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और पुलिस अधीक्षक द्वारा अपहृत और आरोपी अपहर्ता का मोबाइल नबंर, उसका टावर लोकेशन, सीडीआर आदि के आधार पर बरामदगी एवं गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे।

उसके बाद भी पुलिस ने एक नाबालिग आरोपी और एक महिला पर अपना अनुसंधान जारी रखा है। डायरी के अनुसार पुलिस लड़की की बरामदगी के लिए अभी प्रयास कर रही है। लेकिन पुलिस के इस जारी प्रयास की वस्तुस्थिति की जानकारी न तो कोर्ट को है और न ही अपहृत के परिजन को ही।

 

मुकेश भारतीय

मुकेश भारतीय वरिष्ठ पत्रकार हैं और राजनीति, प्रशासन और स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर लेखन-संपादन करते हैं। More »
The unsolved mysteries of the ancient Nalanda University राजगीर पांडु पोखर एक ऐतिहासिक पर्यटन धरोहर Rajgir Sone Bhandar is the world’s biggest treasure Artificial Intelligence is the changing face of the future