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भूटान के पीएम करेंगे राजगीर में बौद्ध मंदिर का भव्य उद्घाटन

राजगीर (नालंदा दर्पण)। बिहार के ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी राजगीर में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। 4 सितंबर को भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग टोबगे और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा संयुक्त रूप से भव्य भूटान बौद्ध मंदिर का उद्घाटन किया जाएगा। 50 फुट ऊँचा यह मंदिर न केवल राजगीर की सांस्कृतिक समृद्धि को बढ़ाएगा, बल्कि भारत और भूटान के बीच गहरे सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों का प्रतीक भी बनेगा।

मंदिर परिसर में भगवान बुद्ध की 10 फुट ऊँची भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है, जो राजगीर के बौद्ध मंदिरों में अब तक की सबसे बड़ी प्रतिमा है। प्रोजेक्ट डायरेक्टर किनले ग्येल्टशेन ने बताया कि मंदिर में मेडिटेशन सेंटर, भूटानी बौद्ध भिक्षुओं के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त दो बहुमंजिली अतिथि गृह, पार्किंग स्थल और सुंदर बगीचे शामिल हैं। यह मंदिर राजगीर की प्राकृतिक और आध्यात्मिक सुंदरता को और बढ़ाएगा। यहाँ की पंच पहाड़ियाँ और हरे-भरे परिदृश्य भूटान की याद दिलाते हैं।

उद्घाटन समारोह में भूटान के मुख्य बौद्ध गुरु जे खेम्पो द्वारा बौद्ध परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना की जाएगी। इस अवसर पर भूटान और भारत के राजदूत, भूटान वाणिज्य दूतावास के काउंसलेट जनरल और एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी उपस्थित रहेगा। जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के साथ-साथ व्यापक तैयारियाँ की हैं ताकि यह आयोजन ऐतिहासिक बन सके।

राजगीर भगवान बुद्ध की कर्मभूमि रही है और इसे विश्व भर में बौद्ध तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाता है। यहाँ पहले से ही जापान, थाइलैंड और कंबोडिया के बौद्ध मंदिर स्थापित हैं और विश्व शांति स्तूप इसे और आकर्षक बनाता है।

भूटान बौद्ध मंदिर के निर्माण के लिए बिहार सरकार ने 2 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई थी, जिसका शिलान्यास 11 नवंबर 2018 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था। इस मंदिर के उद्घाटन से न केवल बौद्ध तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि राजगीर के नेचर सफारी, जू सफारी और घोड़ा कटोरा झील जैसे पर्यटन स्थलों को भी बढ़ावा मिलेगा।

किनले ग्येल्टशेन ने कहा कि राजगीर की धरती बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए पवित्र है, और भूटान से यहाँ आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह मंदिर दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को और मजबूत करेगा।  मंदिर का निर्माण भूटान और भारत की साझा विरासत का प्रतीक भी है, जो राजगीर को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और प्रमुखता प्रदान करेगा।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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