इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। स्थानीय इस्लामपुर नगर परिषद क्षेत्र में जगदंबा द्वार से पक्की तालाब रोड तक चल रहा नाला एवं पीसीसी सड़क निर्माण कार्य अब विकास नहीं, बल्कि आम जनता के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। शहरी विकास मद से वुटको के माध्यम से कराए जा रहे इस निर्माण कार्य को लेकर नगरवासियों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
इस संबंध में नगर के वीटू कुमार, ओम प्रकाश, विजय कुमार, सूरज कुमार सहित अन्य लोगों ने जिलाधिकारी को ई-मेल के माध्यम से आवेदन भेजकर गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। आवेदन में कहा गया है कि निर्माण कार्य के नाम पर सड़क को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र में आवागमन लगभग बाधित हो गया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण के दौरान नल-जल योजना की पाइपलाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है, जिसके कारण दर्जनों परिवारों को पीने के पानी से वंचित होना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, घरों से निकलने वाले नाली कनेक्शन भी तोड़ दिए गए हैं, जिससे गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है और दुर्गंध फैल रही है।
नगरवासियों का यह भी कहना है कि जिस तरह का नाला बनाया जा रहा है, उससे पानी की निकासी संभव ही नहीं दिखती। हल्की बारिश में ही पानी सड़क पर जमा हो जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में जलजमाव और गंभीर समस्या बनने की आशंका जताई जा रही है।
दुकानदारों की स्थिति और भी चिंताजनक है। सड़क बदहाल होने के कारण पिछले करीब दो महीनों से दुकानों तक ग्राहक नहीं पहुंच पा रहे हैं। व्यापार लगभग ठप हो चुका है, जिससे उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का खुलेआम उपयोग किया जा रहा है, लेकिन संबंधित एजेंसी और वुटको प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि जब यह कार्य सरकारी धन से कराया जा रहा है, तो गुणवत्ता और निगरानी की जिम्मेदारी किसकी है? जनता की परेशानियों को नजरअंदाज कर ठेकेदार की मनमानी आखिर कब तक चलेगी?
पीड़ित नागरिकों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले की अविलंब जांच कराई जाए, दोषी ठेकेदार पर कार्रवाई हो और निर्माण कार्य को सही मानकों के अनुसार पूरा कराया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस जनआक्रोश को कितनी गंभीरता से लेता है और कब तक इस्लामपुर की जनता को इस निर्माण संकट से निजात मिलती है।
इस्लामपुर से नालंदा दर्पण के लिए रामकुमार वर्मा की रिपोर्ट













