Friday, February 13, 2026
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    डिजिटल जाल: महिलाओं की फोटो भेजकर करते थे ब्लैकमेलिंग पुलिस ने दबोचे 5 साइबर ठग

    पुलिस को मिली गुप्त सूचना, सुनियोजित छापेमारी से गिरोह दबोचा गया

    कतरीसराय (नालंदा)। नालंदा जिले में साइबर अपराध (डिजिटल जाल) के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को बड़ी कामयाबी मिली है। भरत सोनी के सख्त दिशा-निर्देश पर कतरीसराय थाना पुलिस ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए पांच साइबर ठगों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सुन्दरपुर और बरीठ गांव के बीच स्थित सुनसान खंधा क्षेत्र में की गई, जहां खेतों की आड़ में ‘डिजिटल ठगी का जाल’ बुना जा रहा था।

    खेतों के बीच बना था साइबर ठगी का अड्डाः थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो आरोपी मोबाइल फोन के जरिए संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए गए। तलाशी के दौरान उनके पास से सात एंड्रॉयड मोबाइल फोन, विभिन्न कंपनियों के कई सिम कार्ड और साइबर ठगी से जुड़ी डिजिटल सामग्री बरामद की गई।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रभात कुमार (भागन बिगहा मैरा), नितिश कुमार (सकुचिडिह), प्रीतम कुमार (गोवर्धन बिगहा) सभी थाना कतरीसराय क्षेत्र के निवासी तथा अनिल कुमार (मुड़लाचक, नवादा) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार ये सभी फिलहाल कतरीसराय प्रखंड मुख्यालय के समीप अपने ननिहाल में रहकर साइबर अपराध को अंजाम दे रहे थे।

    फर्जी रिश्ते और ब्लैकमेलिंग का खेलः प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप के माध्यम से भोले-भाले लोगों को महिलाओं की आकर्षक तस्वीरें भेजते थे। इसके बाद ‘गर्भवती करने’ जैसे झूठे और आपत्तिजनक आरोप लगाकर पीड़ितों को डराते-धमकाते और बदनामी का भय दिखाकर मोटी रकम वसूलते थे।

    पुलिस ने बताया कि गिरोह सुनियोजित तरीके से अलग-अलग राज्यों के लोगों को निशाना बनाता था। चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक विधि-विरुद्ध (नाबालिग) पाया गया है, जिसके संबंध में किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।

    कई मामलों में संलिप्तता की आशंकाः थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि गिरफ्तार ठगों के खिलाफ साइबर ठगी के कई मामले दर्ज किए जा रहे हैं। उनके मोबाइल फोन और डिजिटल डाटा की तकनीकी जांच कराई जा रही है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।

    छापेमारी दल में एएसआई मनीष कुमार, एएसआई धर्मेन्द्र कुमार, एएसआई रूदल पासवान और एएसआई संजय दास शामिल थे। पुलिस टीम की तत्परता और रणनीतिक कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने सराहना की है।

    साइबर अपराध के खिलाफ सख्त संदेशः इस कार्रवाई को जिले में बढ़ते साइबर अपराध पर पुलिस की कड़ी निगरानी और सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में छिपकर चल रहे ऐसे साइबर गिरोहों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अंजान लोगों से संपर्क से बचें, किसी भी प्रकार की संदिग्ध कॉल या मैसेज मिलने पर तुरंत नजदीकी थाना या साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें।

    समाचार स्रोत: नालंदा दर्पण डेस्क / संतोष भारती

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