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    Monday, February 26, 2024
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      जानें आखिर क्यों सस्पेंड हुए नालंदा से जदयू सांसद कौशलेंद्र कुमार

      नालंदा दर्पण डेस्क। स्थानीय जदयू सांसद कौशलेंद्र कुमार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शीतकालीन सत्र से सस्पेंड कर दिया है। वहीं सांसद ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया है।

      दरअसल, संसद में सुरक्षा चूक के मसले पर लोकसभा में लगातार चौथे दिन हंगामा हुआ। जिसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 33 सांसदों को सस्पेंड कर दिया। जिसमें नालंदा के जदयू सांसद कौशलेंद्र कुमार के साथ कांग्रेस पार्टी के सदन के नेता अधीर रंजन चौधरी को भी सस्पेंड कर दिया गया। जिन 33 सांसदों को आज लोकसभा से सस्पेंड किया गया है। उसमें कांग्रेस के 11 सांसद, तृणमूल कांग्रेस के 9, डीएमके के 9, जदयू के 1 और अन्य दलों के 3 सांसद शामिल हैं।

      इस बाबत नालंदा सांसद कौशलेंद्र कुमार का कहना है कि जिस सांसद ने गलत किया। उसे बचाया जा रहा है। स्पीकर और पूरी सरकार भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा को बचाने में जुटी है। जिस सांसद की अनुशंसा पर अपराधी सदन के भीतर घुसे और सेंधमारी की घटना को अंजाम दिया। उस सांसद पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। उसे बचाया क्यों जा रहा है। यह लोकतंत्र की हत्या है।

      खबरों के अनुसार जब आरोपी सागर शर्मा लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से नीचे कूदा था और बेंच को फानते हुए स्पीकर की तरफ बढ़ रहा था तो उस वक्त नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार भी सदन में मौजूद थे और बाकी सांसदों के साथ मिलकर उन्होंने आरोपियों को पकड़ा था। सांसदों ने आरोपी सागर शर्मा की पिटाई भी की थी और फिर पुलिस के हवाले कर दिया था।

      ऐसे में जदयू सांसद कौशलेंद्र कुमार केंद्र की मोदी सरकार को घेरना लाजमि है कि सरकार भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा पर कार्रवाई नहीं कर रही है। उल्टे उन सांसदों पर एक्शन लिया जा रहा है, जिन्होंने आरोपियों को पकड़ा था।

      बकौल सासंद कौशलेन्द्र कुमार, पूरे विपक्ष की दो ही मांग है। एक उस भाजपा सांसद पर एक्शन हो, जिसने पास पर आरोपी संसद में दाखिल हुए थे औऱ दूसरा सुरक्षा में चूक पर गृह मंत्री अमित शाह सदन में बयान दें। गृह मंत्री जो बयान मीडिया में दे रहे हैं, वे सदन में आकर बयान क्यों नहीं देते?

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