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    Friday, February 23, 2024
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      RMP चिकित्सक हत्याकांड में 5 लोग गिरफ्तार, जानें कैसे और क्यों गई जान ?

      रामप्रवेश प्रसाद जोकि मुख्य सूत्रधार अबधेश कुमार का चाचा है। वह वर्तमान में छविलापुर के तिलैया गांव में रह रहा है। उसका अपराधिक इतिहास रहा है। वह डबल मर्डर केस में 20 वर्ष का सजा काट चुका है। रामप्रवेश प्रसाद पहले एमसीसी का सक्रिय सदस्य था...

      नालंदा दर्पण डेस्क। पुलिस ने सिलाव थाना क्षेत्र अंतर्गत हैदरगंज कड़ाह निवासी आरएमपी चिकित्सक हत्याकांड मामले का पूरा खुलासा करते हुए पूरे वारदात में शामिल सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर सोमवार को जेल भेज दिया।

      आरएमपी चिकित्सक मो. सद्दाम अंसारी को बीते 11 दिसंबर को सिलाव बाईपास पर से एक स्कार्पियो में बैठा कर अगवा कर लिया गया था। जिसके बाद चिकित्सक को गाड़ी में हीं नर्स सुनीता देवी ने पहले क्लोरोफार्म सुंघाया और इंजेक्शन देकर बेहोश कर दिया। उसके बाद चिकित्सक की गला दबाकर हत्या कर दी गई एवं साक्ष्य छुपाने के लिये शव को चंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत स्टेशन रोड मुशहरी रोड किनारे पईन में फेंक दिया गया।

      पुलिस के अनुसार आरएमपी चिकित्सक मो. सद्दाम अंसारी की हत्या का मुख्य सूत्रधार नर्स सुनीता देवी का पति अवधेश कुमार था, जो वेन थाना क्षेत्र के जनारो गांव का रहने वाला है।

      पुलिस ने बताया कि हत्या का कारण प्रेम प्रसंग है। नर्स के पति को शक था कि उसकी पत्नी के साथ मृतक का अवैध संबंध स्थापित है और इसके बाद पति ने पत्नी के साथ मिलकर हीं इस घटना को अंजाम देने की साजिश रची। पहले अपने अन्य सहयोगियो का साथ लेकर डॉक्टर को सिलाव बुलाकर गाड़ी में बिठाया और फिर चलती गाड़ी में ही हत्या कर दिया।

      डीएसपी प्रदीप कुमार के अनुसार आरएमपी चिकित्सक की मां तबस्सुम खातून ने 11 दिसम्बर को पुत्र के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज कराया था। जिसके बाद घटना की गंभीरता से तकनीकी आधार से जांच शुरू किया गया और सिलाव थानाध्यक्ष राकेश कुमार के नेतृत्व में छापेमारी दल का गठन किया गया।

      उस छापेमारी दल में डीएसपी के अलावे राजगीर थानाध्यक्ष अभय कुमार, डीआईयू प्रभारी आलोक कुमार, छबिलापुर थानाध्यक्ष मुरली मनोहर आजाद, एसआई पंकज कुमार पवन एवं सशस्त्र बल शामिल थे।

      डीएसपी ने बताया कि सबसे पहले तकनीकी अनुसंधान करते हुए लापता आरएमपी चिकित्सक के नर्स सुनीता देवी एवं उसके पति अवधेश कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया।

      पूछताछ के क्रम में अवधेश ने बताया कि उसने डॉक्टर की हत्या की घटना को अपनी पत्नी के साथ प्रेम प्रसंग की आशंका में अंजाम दिया। अवधेश की निशानदेही पर ही चिकित्सक के शव को चंडी थाना क्षेत्र से बरामद किया गया।

      डीएसपी ने बताया कि इस हत्याकांड में कुल पाँच लोग शामिल थे, जिसमें बेन थाना क्षेत्र के जनारो गाँव के नर्स सुनीता देवी एवं उसके पति अवधेश कुमार, छबिलापुर थाना क्षेत्र के 28 वर्षीय सोनू कुमार पिता बीरेंद्र साव, 33 वर्षीय अखिलेश कुमार उर्फ टिंकू, पिता केदार प्रसाद एवं रामप्रवेश प्रसाद को गिरफ्तार किया गया है। हत्या में प्रयोग किया गया स्कार्पियो एवं घटना में प्रयोग किये गए छह मोबाइल को भी बरामद किया गया है।

      डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में रामप्रवेश प्रसाद जोकि मुख्य सूत्रधार अबधेश कुमार का चाचा है। वह वर्तमान में छविलापुर के तिलैया गांव में रह रहा है। उसका अपराधिक इतिहास रहा है। वह डबल मर्डर केस में 20 वर्ष का सजा काट चुका है।

      रामप्रवेश प्रसाद पहले एमसीसी का सक्रिय सदस्य था। वहीं पकड़े गए अन्य अपराधियों का आसपास के थाने से आपराधिक इतिहास पता किया जा रहा है।

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