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नगरनौसा MDM कांडः डॉक्टर के बयान ने बढ़ाई प्रशासन की मुश्किलें!

नगरनौसा (नालंदा दर्पण)। नगरनौसा प्रखंड के मध्य विद्यालय कैला में मिड डे मील खाने के बाद बच्चों के बीमार पड़ने का मामला अब नया मोड़ लेता दिख रहा है। एक ओर जहां परिजन और ग्रामीण भोजन को जिम्मेदार मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग ने इसे ‘हिट वेब’ यानी तेज गर्मी और लू का असर बताकर अलग ही बहस छेड़ दी है।

घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। विद्यालय में मिड डे मील खाने के कुछ ही देर बाद करीब पचास से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी। बच्चों को आनन-फानन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगरनौसा और रेफरल अस्पताल चंडी में भर्ती कराया गया। हालांकि इलाज के बाद अधिकांश बच्चों को छुट्टी दे दी गई, लेकिन गुरुवार को भी चार बच्चे दोबारा इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे।

बताया जाता है कि सलोनी कुमारी, अनीश कुमारी, पूनम कुमारी और किरण कुमारी ने चक्कर आने और कमजोरी की शिकायत की। चिकित्सकीय जांच के दौरान दो बच्चों की हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल बिहारशरीफ रेफर कर दिया गया।

इधर मामले ने तब और तूल पकड़ लिया, जब नगरनौसा स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. धनेश कुमार का बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि प्राथमिक जांच में अधिकांश बच्चों में फूड प्वाइजनिंग नहीं, बल्कि तेज गर्मी और लू के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। डॉक्टर के इस बयान के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

दूसरी तरफ शिक्षा विभाग भी अब सतर्क हो गया है। नगरनौसा बीईओ राजीव रंजन तिवारी ने इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए नगरनौसा थाना में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मामला भोजन की गुणवत्ता से जुड़ा है या फिर अफवाह और मौसम के असर ने स्थिति को बिगाड़ा।

घटना के बाद इलाके के अभिभावकों में भय का माहौल बना हुआ है। इसका असर गुरुवार को लच्छू बिगहा गांव में भी देखने को मिला, जहां ग्रामीणों ने प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को मिड डे मील खाने से रोक दिया। कई अभिभावकों का कहना है कि जब तक भोजन की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती, तब तक वे बच्चों को स्कूल का खाना नहीं खाने देंगे।

फिलहाल प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग अपने-अपने स्तर पर जांच में जुटे हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बच्चों की तबीयत बिगड़ने की असली वजह क्या थी? मिड डे मील या फिर भीषण गर्मी?

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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