NEET paper leak case: संजीव मुखिया के आवास पर EOU की छापेमारी, कई अहम दस्तावेज बरामद

नगरनौसा (नालंदा दर्पण)। मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट पेपर लीक (NEET paper leak case) मामले में पटना पुलिस और आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आज मंगलवार को कुख्यात परीक्षा माफिया संजीव मुखिया के घर पर छापेमारी की। इस छापेमारी में EOU की 10 सदस्यीय विशेष टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं, जिनसे पेपर लीक घोटाले में गहराई से जुड़े तथ्य सामने आए हैं।

प्रश्न पत्र लीक के लिए मोटी रकम का लेन-देनः जांच में यह खुलासा हुआ है कि प्रति छात्र 40 लाख रुपये की भारी रकम के बदले नीट का प्रश्न पत्र लीक किया गया था। इस साजिश का अहम हिस्सा एक प्रोफेसर था, जिसने मोबाइल के जरिए प्रश्न पत्र संजीव मुखिया को भेजा। संजीव मुखिया का बेटा, डॉ. शिव कुमार, जो पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) से एमबीबीएस कर चुका है, पहले से ही जेल में बंद है।

मुखिया का घोटालों से पुराना नाताः संजीव मुखिया का परीक्षा घोटालों से पुराना रिश्ता रहा है। 2016 में सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में भी उसका नाम प्रमुखता से सामने आया था। इसके अलावा, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की शिक्षक बहाली परीक्षा में पेपर लीक कांड के चलते वह पहले ही जेल जा चुका है।

मुखिया नूरसराय हॉर्टिकल्चर कॉलेज में तकनीकी सहायक के पद पर कार्यरत था। EOU की टीम ने कॉलेज परिसर में भी छानबीन की, जहां से कई दस्तावेज बरामद हुए हैं। इस जांच के दौरान, संजीव मुखिया के कॉलेज के कमरे से भी कई अहम कागजात मिले, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है।

7 घंटे की छापेमारी में मां से पूछताछः EOU की टीम ने संजीव मुखिया के आवास पर 7 घंटे तक छापेमारी की, जबकि नूरसराय हॉर्टिकल्चर कॉलेज में 2 घंटे तक तलाशी अभियान चला। इस दौरान मुखिया की मां से भी पूछताछ की गई। हालांकि, परिवार के सदस्यों ने मीडिया से कुछ भी बोलने से मना कर दिया है।

राजनीति में भी मुखिया परिवार की सक्रियताः संजीव मुखिया की पत्नी ममता कुमारी राजनीति में भी सक्रिय रही हैं। वे हरनौत विधानसभा क्षेत्र से लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के टिकट पर चुनाव लड़ चुकी हैं। इस घोटाले के बाद मुखिया परिवार एक बार फिर सुर्खियों में है।

फिलहाल EOU की टीम द्वारा जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच जारी है, और यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। संजीव मुखिया और उसके सहयोगियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

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