चुनाव कार्य में लापरवाहीः 7 शिक्षक समेत 15 कर्मी नपे, वेतन पर रोक, शो कॉज जारी

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच चुनाव कार्य में लापरवाही बरतने वाले सरकारी कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की गई है। बिहारशरीफ सदर अनुमंडलाधिकारी (एसडीओ) वैभव नितिन काजले ने निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े ईवीएम कमीशनिंग कार्य में अनुपस्थित पाए गए 15 कर्मियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। इनमें 7 शिक्षक, 4 किसान सलाहकार, 2 मनरेगा कर्मी और 3 विकास मित्र शामिल हैं।

सभी कर्मियों का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया गया है। साथ ही 24 घंटे के भीतर कारण बताओ नोटिस (शो-कॉज) जारी किया गया है।

जानकारी के अनुसार 29 अक्टूबर को बिहारशरीफ विधानसभा क्षेत्र के सोगरा स्कूल में ईवीएम कमीशनिंग का कार्य चल रहा था। इस कार्य के लिए संबंधित कर्मियों की प्रतिनियुक्ति पहले से की गई थी। लेकिन दोपहर 12 बजे तक एसडीओ के औचक निरीक्षण में कई कर्मी अपने निर्धारित स्थल से अनुपस्थित पाए गए। इस अनुपस्थिति को निर्वाचन जैसे अतिमहत्वपूर्ण कार्य में गंभीर लापरवाही माना गया है।

इन शिक्षकों पर हुई कार्रवाईः बालमुकुंद चौधरी  (प्राथमिक विद्यालय, खरजम्मा), अभय कुमार (एस.एस. बालिका प्लस टू विद्यालय), गौरव कुमार (प्राथमिक विद्यालय, भोजपुर), अमरीश नंदन (उत्क्रमित मध्य विद्यालय, हवेली), हर्षवर्द्धन कुमार (उत्क्रमित मध्य विद्यालय, पचौड़ी), कमल साव (मध्य विद्यालय, बेलछी), अशोक कुमार (एस.एस. बालिका प्लस टू विद्यालय)।

इन किसान सलाहकार, मनरेगा कर्मी और विकास मित्र भी हुई कार्रवाईः किसान सलाहकार चंद्रभूषण कुमार सिन्हा, गौतम कुमार, अशोक कुमार सविता और मदन पासवान (रहुई प्रखंड), मनरेगा कर्मी रविशंकर सिन्हा और अभ्यानंद किशोर पीआरएस (रहुई), विकास मित्र संतोष कुमार अप्पी, भासो दास और संतोष कुमार चौधरी (रहुई)।

एसडीओ वैभव नितिन काजले ने कहा कि निर्वाचन कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता का विषय है। इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई या अनुपस्थिति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जिम्मेदारी और अनुशासन का मामला है तथा आयोग के निर्देशों का उल्लंघन अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।

सभी संबंधित कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि वे पत्र प्राप्ति के 24 घंटे के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। एसडीओ ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जब तक कर्मियों का जवाब प्राप्त नहीं होता और उसे संतोषजनक नहीं माना जाता, सभी का वेतन भुगतान स्थगित रहेगा।

यह कार्रवाई निर्वाचन कार्य की गंभीरता और प्रशासन की सख्त मंशा को दर्शाती है। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े किसी भी कार्य में लापरवाही को किसी भी स्तर पर क्षमा योग्य नहीं माना जाएगा।

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