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अब सरकारी स्कूलों के मध्याह्न भोजन में फिर शामिल हुए अंडे

Now children will again get eggs in mid day meal in government schools
Now children will again get eggs in mid day meal in government schools

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार शिक्षा विभाग ने मध्याह्न भोजन योजना के तहत शुक्रवार के मेनू में अंडे को फिर से शामिल करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह निर्णय बिहार पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के परामर्श के आधार पर लिया गया है, जिसमें कहा गया है कि पूरी तरह से पकाए गए अंडे खाना पूर्णतः सुरक्षित है।

पिछले कुछ महीनों में बर्ड फ्लू के प्रकोप के कारण, केंद्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की सलाह के आधार पर मध्याह्न भोजन योजना के शुक्रवार के मेनू से अंडे को हटा दिया गया था। इसके स्थान पर बच्चों को मौसमी फल जैसे सेब या केला प्रदान किया जा रहा था। हालांकि, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के अपर निदेशक (पशु उत्पाद) द्वारा स्पष्ट किया गया है कि अच्छी तरह से साफ और पूरी तरह से पकाए गए अंडे सुरक्षित हैं।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि सामान्यतः कोई भी जीवाणु या विषाणु 70 डिग्री सेल्सियस तापमान पर नष्ट हो जाता है, जो खाना पकाने की सामान्य प्रक्रिया में आसानी से प्राप्त हो जाता है। इस परामर्श के आधार पर, मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय ने अपने पत्रांक- 1061, दिनांक 3 मई 2025 के माध्यम से सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि शुक्रवार के मेनू में अंडे को पुनः शामिल किया जाए।

मध्याह्न भोजन योजना निदेशक विनायक मिश्र ने सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों, जिला शिक्षा पदाधिकारियों, और संबंधित स्वयंसेवी संस्थाओं को इस निर्णय के तहत अंडे की आपूर्ति और वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि अंडे को साफ करने और पूरी तरह से पकाने की प्रक्रिया का कड़ाई से पालन किया जाए ताकि बच्चों के स्वास्थ्य को कोई खतरा न हो।

इसके अतिरिक्त इस निर्णय की जानकारी बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को भी प्रेषित की गई है ताकि इसकी निगरानी और कार्यान्वयन पर उच्च स्तर से ध्यान दिया जा सके।

मध्याह्न भोजन योजना का उद्देश्य स्कूली बच्चों को पौष्टिक भोजन प्रदान करना और उनकी शारीरिक व मानसिक विकास में सहायता करना है। अंडा प्रोटीन, विटामिन और खनिजों का एक सस्ता और समृद्ध स्रोत है, जो बच्चों के पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंडे को मेनू में पुनः शामिल करने से बच्चों को संतुलित आहार मिलेगा, जो उनकी पढ़ाई और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होगा।

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