नालंदा में 34 निजी स्कूलों की मान्यता रद्द, 200 स्कूलों पर कसा शिकंजा

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। भारत सरकार के यू-डायस पोर्टल (यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन) पर सभी सरकारी और निबंधित निजी स्कूलों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। इसके बावजूद नालंदा जिले के 765 निबंधित निजी स्कूलों में से 200 से अधिक स्कूलों ने अब तक यू-डायस कोड के लिए आवेदन नहीं किया है। विभाग के निर्देशों की अनदेखी करते हुए इन स्कूलों ने इस प्रक्रिया में कोई रुचि नहीं दिखाई है।

बता दें कि यू-डायस कोड एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म है, जहां प्रत्येक स्कूल की विस्तृत जानकारी उपलब्ध होती है। इसके जरिए शिक्षा बजट तैयार किया जाता है और स्कूलों की आवश्यकताओं की पहचान की जाती है। इसके अलावा यह कोड राइट टू एजुकेशन (RTE) के तहत 25 फीसदी गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करने में निजी स्कूलों के लिए सहायक है। इस योजना का पूरा खर्च सरकार वहन करती है।

यू-डायस कोड यह भी सुनिश्चित करता है कि कोई छात्र एक से अधिक स्कूलों में नामांकन न ले सके। साथ ही स्कूलों के शिक्षक, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य सुविधाओं का सही आंकलन इसी प्रणाली के जरिए होता है। सरकार इसे स्कूलों की पहचान और शिक्षा सुधार की बुनियादी इकाई मानती है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) समग्र शिक्षा ने सभी निबंधित निजी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे जल्द से जल्द यू-डायस कोड के लिए आवेदन करें। इसके लिए सभी प्रखंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को निर्देशित किया गया है कि वे स्कूलों से आवेदन सुनिश्चित कराएं। आवेदन नहीं करने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

जिले में अब तक लापरवाही बरतने वाले 34 निजी स्कूलों की मान्यता पहले ही रद्द की जा चुकी है। इन स्कूलों के यू-डायस कोड को रद्द कर दिया गया है। जिससे उनकी सीबीएसई और आईसीएसई से मान्यता भी खतरे में पड़ गई है। वहीं जिन स्कूलों का यू-डायस कोड पहले ही जेनरेट हो चुका है। उनमें से कई ने पोर्टल पर जानकारी अपडेट नहीं की है। ऐसे दर्जनों स्कूलों को विभाग द्वारा अंतिम चेतावनी दी गई है।

विभाग का कहना है कि अगर यह स्थिति जारी रही तो और अधिक स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक स्कूल को जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन कराना होगा। जो स्कूल समय रहते यू-डायस कोड नहीं लेंगे, उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी।

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