खोज-खबर
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इस्लामपुर की बेनूर क्रब की खामोशी में दफन है चक वंश के आखिरी चश्म-ए-चिराग युसुफ और याकुब शाह
नालंदा दर्पण डेस्क। ‘कौन सोया है इन मकबरों में,ये खबर कौन करेगा कौन रहता था उन विरान मकानों में,यह हम न बोलें, बयां कौन करेगा,मिटती हुई इमारतों को कलम कौन करेगा’ हिंदुस्तान के शहंशाहों की शान-ओ-शौकत के क्या कहने,एक दौर हुआ करता था,जब उनके जलबे हुआ करते थे। रंगीन महफिलें…
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मोबाइल में गुम हो रही युवा पीढ़ी, होना पड़ेगा सचेत
बेन (रामावतार)। मोबाइल पहले लोगों की जरूरत थी और अब आदत बन गई है। मोबाइल से लोगों के जीवन में अमूलचूल परिवर्तन तो आया, विकास की गति को भी पंख लगे। लेकिन फायदों के साथ ही हर पल मोबाइल में डूबे लोगों के लिए यह उतना हीं हानिकारक भी हो गया…
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भीषण गर्मी के बीच बाढ़ की विभीषिका को याद कर सहम रहे है रहुई वासी!
बिहार शरीफ (आशीष कुमार)। एक ओर जहां भीषण गर्मी से लोगों का जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है । वहीं रहुई प्रखंड के करीब पन्द्रह पंचायत के ग्रामीण अभी से बाढ़ की बिभिषका को याद कर सहम जा रहे हैं। बाढ़ आने पर इस प्रखंड के दर्जनों गांव पूरी तरह…
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नेताओं-अफसरों की उपेक्षा से सड़क बदहाल, लोग कैसे पहुंचे अस्पताल
बेन (रामावतार)। बेन पीएचसी जानेवाली सड़क की स्थिति जर्जर होने के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश होने पर इस सड़क की स्थिति नारकीय हो जाती है। इस पथ पर कभी भी दुर्घटना हो सकती है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस ओर किसी भी जनप्रतिनिधि…
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बिहार शरीफ सदर अस्पताल में जुड़वा बेटियों की भी मौत, 15 दिनों तक परिजनों ने नहीं ली सुध, अस्पताल प्रबंधन ने दोनों का शव घर भिजवाया
नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार शरीफ सदर अस्पताल मां की मौत के बाद 15 दिन में उसके दोनों नवजात बच्चियों की भी मौत हो गई। 12 दिन तक पिता या परिवार का कोई सदस्य देखने तक नहीं आया। मौत के बाद भी दिल नहीं पसीजा और कोई सुध लेने नहीं आया। उसके…
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नियम के विरुद्ध कोचिंग संस्थानों का हो रहा है संचालन, विभाग का नहीं है इस ओर कोई ध्यान
“बिना शिक्षा विभाग की अनुमति के कोचिंग क्लासेस नहीं चला सकते है। बेन प्रखंड में अब तक जो भी कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। उन में से किसी को भी शिक्षा विभाग से किसी भी प्रकार की कोई एनोओसी नहीं दी गई है। जो भी कोचिंग सेंटर चल रहे है। वह…
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विलुप्त होती जा रही पुरानी संस्कृति, वैवाहिक रस्मों को भूल रही आज की पीढ़ी
बेन (रामावतार)। दो हृदय या भावों के बंधन के रूप में जाना जाने वाला विवाह की रस्में आज पाश्चात्य संस्कृति में ढ़लती जा रही है। शादी में दुल्हा दुल्हन डोली न चढ़े यह पहले असंभव था। लेकिन आधुनिकता की दौर में डोली और कहार की जगह लग्जरी वाहनों ने जगह ले…
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नालंदा-विक्रमशिला से भी प्राचीन है तेलहाड़ा विश्विद्यालय, खुदाई में मिले प्रमाण
नालंदा दर्पण डेस्क। नालंदा स्थित तेल्हाड़ा म्यूजियम अपने आप में कई इतिहास छुपाए बैठा है। इसके निर्माण कार्य में 9.13 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। 26 अक्टूबर, 2021 को म्यूजियम बनाने के कार्य का शुभारंभ हुआ था, जो 25 अक्टूबर, 2022 को समाप्त हो गया। म्यूजियम को पूरी तरह से स्टेट…
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नालंदाः तेज धूप और गर्म हवा से लोग हलकान, पशु पक्षी भी बेहाल
बेन (रामावतार कुमार)। पिछले तीन चार दिनों से तेज धूप और लू के थपेड़ों से लोगों के साथ साथ बेजुबान भी परेशान व बेहाल है। सड़कों पर गर्मी के कारण अन्य दिनों की अपेक्षा रविवार को कम लोग नजर आए। राहत पहुंचाने वाली हवा भी लू बनकर लोगों के शरीर में…
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बेन प्रखंड में बिना चढ़ाबा नहीं बनता प्रमाणपत्र, रिपोर्टर की कैमरे में रिश्वत लेते यूं कैद हुआ अफसर
बेन (नालंदा दर्पण)। जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र लोक सेवाओं के अधिकार में शामिल है। लेकिन आरटीपीएस की सुविधा नहीं मिलने की वजह से लोग महीनों कार्यालय का चक्कर लगाने को विवश हैं। जिसका सीधा फायदा इससे जुड़े अधिकारी और कर्मचारी उठा रहे हैं। ये दलालों के साथ मिलकर मोटी रकम तक की वसूली…









