खोज-खबर
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बेन पीएचसी में पानी के लिए भटक रहे कर्मी-मरीज
बेन (नालंदा दर्पण)। बेन अस्पताल में महीनों से पानी की किल्लत की समस्या बनी है, जिसके कारण मरीज परेशान हैं। पानी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। लोग बाहर से पानी लाकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। ★दूर दूर से इलाज के लिए आते मरीज: प्रखंड मुख्यालय के अस्पताल में सैंकड़ों…
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चंडी का चमत्कारी आम! कीमत सुनकर उड़ जाएंगे होश, कीमत 2 लाख रुपए किलो
करीब 3 एकड़ में आम के मियाकाजी, ब्लैक स्टोन, सेड लेश की प्रजाति के अलावा सेव , इलायची, साबुतदाना, कसेली, ब्लैक नींबू, ब्लैक अमरुद, उजला जामुन, सभी तरह के मसालों के पौधे उनके घर के समीप नंदन वाटिका में उपलब्ध है।
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विकास कार्यों में लूट की है छूट, देखिए ईंट सोलिंग में खानापूर्ति
बेन (नालंदा दर्पण)। बेन प्रखंड में चलाए जा रहे विकास कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी कोई नयी बात नहीं है। खास करके पंचायत में चलाए जा रहे विभिन्न विकास योजनाओं की बात करें तो सात निश्चय, चौदहवीं वित में खुलेआम प्राक्कलन की धज्जियां उड़ाई जाती है। कई ग्रामीणों ने बताया कि…
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कुएं तो नए हो गए, मगर इनके पाटों पर नहीं लौट रही रौनक
बेन (रामावतार कुमार)। सार्वजनिक कुओं के जीर्णोद्धार किए जाने की योजना थोड़ी अजीब लगती है। अधिकारी यह स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं कि इन कुओं के जीर्णोद्धार पेयजल उपलब्ध कराने के लिए किया गया है या इसका इस्तेमाल खेती किसानी में होना है। यह स्पष्ट नहीं हो रहा है। हालांकि…
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इस्लामपुर की बेनूर क्रब की खामोशी में दफन है चक वंश के आखिरी चश्म-ए-चिराग युसुफ और याकुब शाह
नालंदा दर्पण डेस्क। ‘कौन सोया है इन मकबरों में,ये खबर कौन करेगा कौन रहता था उन विरान मकानों में,यह हम न बोलें, बयां कौन करेगा,मिटती हुई इमारतों को कलम कौन करेगा’ हिंदुस्तान के शहंशाहों की शान-ओ-शौकत के क्या कहने,एक दौर हुआ करता था,जब उनके जलबे हुआ करते थे। रंगीन महफिलें…
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मोबाइल में गुम हो रही युवा पीढ़ी, होना पड़ेगा सचेत
बेन (रामावतार)। मोबाइल पहले लोगों की जरूरत थी और अब आदत बन गई है। मोबाइल से लोगों के जीवन में अमूलचूल परिवर्तन तो आया, विकास की गति को भी पंख लगे। लेकिन फायदों के साथ ही हर पल मोबाइल में डूबे लोगों के लिए यह उतना हीं हानिकारक भी हो गया…
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भीषण गर्मी के बीच बाढ़ की विभीषिका को याद कर सहम रहे है रहुई वासी!
बिहार शरीफ (आशीष कुमार)। एक ओर जहां भीषण गर्मी से लोगों का जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है । वहीं रहुई प्रखंड के करीब पन्द्रह पंचायत के ग्रामीण अभी से बाढ़ की बिभिषका को याद कर सहम जा रहे हैं। बाढ़ आने पर इस प्रखंड के दर्जनों गांव पूरी तरह…
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नेताओं-अफसरों की उपेक्षा से सड़क बदहाल, लोग कैसे पहुंचे अस्पताल
बेन (रामावतार)। बेन पीएचसी जानेवाली सड़क की स्थिति जर्जर होने के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश होने पर इस सड़क की स्थिति नारकीय हो जाती है। इस पथ पर कभी भी दुर्घटना हो सकती है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस ओर किसी भी जनप्रतिनिधि…
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बिहार शरीफ सदर अस्पताल में जुड़वा बेटियों की भी मौत, 15 दिनों तक परिजनों ने नहीं ली सुध, अस्पताल प्रबंधन ने दोनों का शव घर भिजवाया
नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार शरीफ सदर अस्पताल मां की मौत के बाद 15 दिन में उसके दोनों नवजात बच्चियों की भी मौत हो गई। 12 दिन तक पिता या परिवार का कोई सदस्य देखने तक नहीं आया। मौत के बाद भी दिल नहीं पसीजा और कोई सुध लेने नहीं आया। उसके…
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नियम के विरुद्ध कोचिंग संस्थानों का हो रहा है संचालन, विभाग का नहीं है इस ओर कोई ध्यान
“बिना शिक्षा विभाग की अनुमति के कोचिंग क्लासेस नहीं चला सकते है। बेन प्रखंड में अब तक जो भी कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। उन में से किसी को भी शिक्षा विभाग से किसी भी प्रकार की कोई एनोओसी नहीं दी गई है। जो भी कोचिंग सेंटर चल रहे है। वह…









