ब्राउन शुगर के लिए मां ने पैसे नहीं दिए तो युवक ने लगा ली फांसी

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार थाना क्षेत्र के भैंसासुर मोहल्ला में शुक्रवार की शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। 20 वर्षीय युवक गोलू कुमार ने अपनी मां से ब्राउन शुगर के लिए पैसे मांगे, लेकिन जब मां सरोज देवी ने उसे नशा न करने की नसीहत दी और पैसे देने से इनकार कर दिया, तो नाराज होकर उसने आत्महत्या कर ली।

घटना का विवरण: गोलू कुमार, जो नशे का आदी था, ने अपनी मां से ब्राउन शुगर खरीदने के लिए पैसे की मांग की थी। मां ने उसे नशा छोड़ने की सलाह देते हुए पैसे देने से मना कर दिया। इससे नाराज गोलू बिना खाना खाए अपने कमरे में चला गया और कुछ ही देर बाद उसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। घरवालों ने गोलू को सिलिंग फैन से साड़ी के फंदे के सहारे लटका पाया।

मां का बयान: गोलू की मां सरोज देवी ने बताया कि उनका बेटा लंबे समय से नशे का आदी था और कई बार उसे समझाने की कोशिश की गई, लेकिन वह अपनी लत से बाहर नहीं निकल पाया। उस दिन भी जब गोलू ने नशा करने के लिए पैसे मांगे तो उन्होंने उसे नशा छोड़ने की सलाह दी, लेकिन गोलू नाराज हो गया और अपने कमरे में जाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

पुलिस की कार्रवाई: घटना की सूचना मिलने पर बिहार थाना के थानाध्यक्ष सम्राट दीपक अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर बिहारशरीफ सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि परिवार के बयान के आधार पर यूडी (अप्राकृतिक मौत) केस दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

नशे का बढ़ता खतरा: गोलू कुमार की आत्महत्या की यह घटना समाज में बढ़ते नशे के खतरे की ओर इशारा करती है। नशे की लत में फंसे कई युवा न केवल अपनी जान गंवा रहे हैं, बल्कि परिवारों को भी बर्बाद कर रहे हैं। गोलू की मौत ने भैंसासुर मोहल्ले में शोक का माहौल पैदा कर दिया है, और लोग इस घटना से स्तब्ध हैं।

समाज के लिए एक चेतावनी: यह घटना एक बार फिर से यह सवाल खड़ा करती है कि समाज में नशे का प्रचलन किस कदर बढ़ रहा है और युवा पीढ़ी किस तरह से इसके जाल में फंसती जा रही है। गोलू की आत्महत्या ने एक परिवार को उजाड़ दिया और यह घटना उन सभी परिवारों के लिए एक चेतावनी है, जो अपने बच्चों को नशे के दलदल से निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

फिर हुआ नशे की भयावहता उजागर: गोलू कुमार की आत्महत्या ने नशे की भयावहता को फिर से उजागर किया है। यह घटना न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर संदेश है कि नशा किस तरह युवाओं को बर्बाद कर रहा है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है, लेकिन इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जो समाज को आत्ममंथन करने पर मजबूर कर रहे हैं।

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नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »

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