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राजगीर में अजूबा ओपेन जिम, फुटपाथ की बनी रौनक, सुविधा या बर्बादी?

राजगीर (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के राजगीर नगर परिषद क्षेत्र में लाखों रुपये की लागत से ओपेन जिम की स्थापना की जा रही है। इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य और फिटनेस को बढ़ावा देना है, जो एक स्वागत योग्य कदम है। लेकिन इन जिमों के स्थान चयन को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। कई ओपेन जिम ऐसे स्थानों पर स्थापित किए गए हैं, जहां न तो आबादी है और न ही लोगों की नियमित आवाजाही। नतीजतन ये जिम उपयोग विहीन पड़े हैं और सरकारी संसाधनों की बर्बादी का कारण बन रहे हैं।

राजगीर में कई ओपेन जिम उन क्षेत्रों में लगाए गए हैं, जहां आसपास कोई आबादी ही नहीं है। उदाहरण के लिए हॉकी मैदान, इंडो होक्के होटल के पास जल मीनार के सामने, और पथरौरा-दुहैय सुहैय के बीच जैसे स्थानों पर बने जिमों का उपयोग न के बराबर हो रहा है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन क्षेत्रों में न तो लोग नियमित रूप से आते-जाते हैं और न ही वहां कोई आवासीय मोहल्ला है। ऐसे में इन जिमों का निर्माण केवल धन की बर्बादी साबित हो रहा है।

इसके अलावा पथ निर्माण विभाग द्वारा सड़क किनारे पैदल यात्रियों के लिए बनाए गए पाथवे पर भी कई जगह ओपेन जिम स्थापित किए गए हैं। राजगीर ब्लॉक गेट के पास पाथवे पर बने जिम ने तो पैदल चलने वालों के लिए रास्ता ही अवरुद्ध कर दिया है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में यह समस्या और भी गंभीर हो गई है, जहां पैदल यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय नागरिकों का मानना है कि ओपेन जिम जैसी सुविधाएं तभी प्रभावी होंगी, जब उनका निर्माण सही स्थानों पर किया जाए। इनके लिए पार्क, आवासीय मोहल्लों, स्कूल-कॉलेज, या सामुदायिक केंद्र जैसे स्थान उपयुक्त हो सकते हैं, जहां लोग नियमित रूप से आते-जाते हों।

नागरिकों का सुझाव है कि नगर परिषद को निर्माण से पहले विस्तृत सर्वे करना चाहिए। ताकि जनता की जरूरतों और सुविधा के अनुसार स्थान का चयन हो सके।

पाथवे पर ओपेन जिम स्थापित करने का निर्णय पैदल यात्रियों के लिए एक बड़ी समस्या बन गया है। खासकर राजगीर जैसे क्षेत्र में, जहां सड़कें पहले से ही संकरी हैं, पाथवे का अवरुद्ध होना लोगों के लिए असुविधा का कारण बन रहा है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में पैदल चलने वालों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों, को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जो उनकी सुरक्षा के लिए खतरा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद को चाहिए कि वह ओपेन जिम के स्थान चयन से पहले जनता की राय ले और एक विस्तृत सर्वे करे। इससे न केवल संसाधनों का सही उपयोग होगा, बल्कि जनता को इन सुविधाओं का वास्तविक लाभ भी मिलेगा। इसके अलावा, पाथवे पर बने जिमों को तत्काल हटाकर उपयुक्त स्थानों पर स्थानांतरित करने की मांग भी उठ रही है।

स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि राजगीर नगर परिषद क्षेत्र में लगाए गए ओपेन जिम की जिला स्तरीय पदाधिकारी से जांच हो। बिना आबादी वाले इलाकों और पाथवे पर जिम बनाने के निर्णय के खिलाफ कार्रवाई की भी अपेक्षा की जा रही है। लोगों का मानना है कि यदि इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो यह योजना केवल दिखावे तक सीमित रह जाएगी।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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