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गजब! 1.5 लाख इनाम घोषित होते ही दीपनगर में ही मिले लापता तीनों स्कूली बच्चें

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। दीपनगर थाना क्षेत्र के मघड़ासराय मोहल्ला से 13 जनवरी को लापता हुए तीन स्कूली बच्चों का मामला आखिरकार इनाम घोषित होने के बाद सुलझ गया। बच्चों की सकुशल बरामदगी के साथ पुलिस और परिजनों ने राहत की सांस ली।

सोमवार की सुबह यशराज, साहिल और वरुण नामक तीनों बच्चे स्कूल जाने की बात कहकर अपने-अपने घरों से निकले थे। लेकिन जब वे देर शाम तक घर नहीं लौटे और उनके दोस्तों ने बताया कि वे स्कूल पहुंचे ही नहीं तो परिजनों ने फौरन दीपनगर थाना में लापता होने की प्राथमिकी दर्ज कराई।

तीनों बच्चे गरीब परिवार से हैं। यशराज के पिता सोहन लाल मजदूर हैं। साहिल के पिता स्वर्गीय शंभू रजक की पहले ही मौत हो चुकी है और वरुण के पिता श्रवण हलवाई छोटी-मोटी दुकान चलाते हैं। बच्चों की उम्र 12 साल है और वे एक ही स्कूल परिसर में अलग-अलग कक्षाओं में पढ़ते हैं।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जिसमें बच्चे ई-रिक्शा में सवार होकर बाईपास की ओर जाते दिखे। परिजनों की चिंता और बच्चों के प्रति किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए नालंदा पुलिस ने प्रत्येक बच्चे पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। कुल डेढ़ लाख रुपये की इस इनामी घोषणा के बाद जांच ने तेजी पकड़ी।

इनाम की घोषणा के महज पांच घंटे बाद पुलिस को सूचना मिली कि तीनों बच्चों को देवीसराय इलाके में देखा गया है। तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बुधवार देर शाम तीनों को सकुशल बरामद कर लिया।

पुलिस पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे परिजनों की डांट-फटकार से आहत होकर घर से भाग गए थे। उनके मन में घूमने का ख्याल आया, और इसीलिए वे कोलकाता जाने की योजना बनाकर निकल पड़े। हालांकि, देवीसराय में स्थानीय लोगों ने उन्हें पहचान लिया और पुलिस को सूचित कर दिया।

गौरतलब है कि पिछले साल इसी थाना क्षेत्र के उत्क्रमित मध्य विद्यालय लालबाग से भी पांच छात्राएं लापता हुई थीं। उस समय पुलिस ने उन्हें पटना और मालदा से बरामद किया था।

बहरहाल यह घटना जहां परिजनों के लिए राहत भरी है। वहीं बच्चों की मानसिक स्थिति और उनकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल भी उठाती है। पुलिस का कहना है कि बच्चों को काउंसलिंग दी जाएगी और परिजनों को भी उनके साथ बेहतर संवाद रखने की सलाह दी गई है।

मुकेश भारतीय

मुकेश भारतीय वरिष्ठ पत्रकार हैं और राजनीति, प्रशासन और स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर लेखन-संपादन करते हैं। More »

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