बिहारशरीफ स्मार्ट सिटी: 24 घंटे में अटक गई 40 लाख की टावर वाच की सुई!

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहारशरीफ स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद में शहर के नाला रोड पर करीब 40 लाख रुपये की लागत से एक भव्य वाच टावर का निर्माण किया गया। इस टावर का उद्घाटन बड़े धूमधाम से हुआ, लेकिन यह खुशी ज्यादा दिन तक नहीं टिकी। उद्घाटन के महज 24 घंटे बाद ही टावर की घड़ी ने काम करना बंद कर दिया।

अब हालत यह है कि यह घड़ी दिन में सिर्फ दो बार ही सही समय दिखाती है, वो भी महज संयोगवश। पिछले एक महीने से टावर के चारों ओर लगी घड़ियों की सूइयां अलग-अलग समय पर अटकी हुई हैं। जिससे राहगीरों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा से ठीक पहले जल्दबाजी में इस वाच टावर का उद्घाटन कर दिया गया। मगर इसके अगले ही दिन चोरों ने इसे अपना निशाना बना लिया। टावर में घुसकर चोरों ने बिजली के तांबे के तार चुरा लिए। जिसके चलते घड़ी का संचालन ठप हो गया।

बिहारशरीफ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट मैनेजर के अनुसार चोरों ने न सिर्फ तार चुराए। बल्कि जगह-जगह बिजली की व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचाया। टावर में लगी दो घड़ियों में से एक का रिले बाहर निकल गया। जबकि दूसरी ऊपर की ओर अटक गई। नतीजा यह हुआ कि अब यह घड़ी दिन में दो बार ही सही समय दिखाती है, जब सूई संयोग से सही स्थिति पर पहुंचती है।

अब नाला रोड से गुजरने वाले लोग जब इस टावर की घड़ी को देखते हैं तो उनके चेहरे पर हैरानी और हंसी दोनों छा जाती है। एक स्थानीय दुकानदार रामू यादव ने कहा कि 40 लाख रुपये खर्च करके ऐसी घड़ी बनाई गई, जो सही समय भी नहीं बता सकती। यह स्मार्ट सिटी का मजाक है। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि जल्दबाजी में उद्घाटन और रखरखाव की कमी इस समस्या की जड़ है।

हालांकि प्रोजेक्ट मैनेजर ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि चोरों ने हमें परेशान कर रखा है। तार काटने की घटनाएं बार-बार हो रही हैं। हमने घड़ी को ठीक करने की कोशिश की। लेकिन तकनीकी खराबी और चोरी की वजह से दिक्कत बनी हुई है। जल्द ही इसे दुरुस्त करवाया जाएगा।

बहरहाल, बिहारशरीफ को स्मार्ट सिटी बनाने की योजना के तहत इस तरह की परियोजनाओं से लोगों में उम्मीद जगी थी। लेकिन वाच टावर की यह हालत स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की गुणवत्ता और योजना पर सवाल खड़े कर रही है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर रखरखाव और सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा गया तो ऐसे प्रोजेक्ट सिर्फ दिखावे तक ही सीमित रह जाएंगे। नाला रोड का वाच टावर भी चर्चा में तो है, मगर वजह गलत है। लोग अब इंतजार कर रहे हैं कि कब इसकी सूई फिर से सही समय पर चलेगी और स्मार्ट सिटी का सपना हकीकत में बदलेगा।

[web_stories title=”true” excerpt=”false” author=”true” date=”false” archive_link=”true” archive_link_label=”” circle_size=”150″ sharp_corners=”false” image_alignment=”left” number_of_columns=”1″ number_of_stories=”4″ order=”DESC” orderby=”post_title” view=”carousel” /]

Nalanda Darpan

नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

error: Content is protected !!

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker