इस स्कूल के बच्चों को एक माह से नहीं मिल रहा है मध्यान्ह भोजन

हरनौत (नालंदा दर्पण)। बिहार के सीएम नीतीश कुमार के गृह प्रखंड हरनौत अंतर्गत नेहुसा पंचायत अवस्थित प्राइमरी स्कूल नेहुसा बिगहा में मध्यान्ह भोजन योजना पिछले एक माह से ठप पड़ी हैं, जिससे 103 विद्यार्थियों को पौष्टिक आहार नहीं मिल पा रहा हैं।

यह स्थिति प्रधानाध्यापक के रिक्त पद के कारण उत्पन्न हुई हैं और इसका सीधा असर स्कूल की उपस्थिति पर भी दिख रहा हैं। मध्यान्ह भोजन बंद होने के कारण छात्रों की उपस्थिति 50 प्रतिशत तक गिर गई हैं। इससे शिक्षा का माहौल भी प्रभावित हो रहा हैं।

शिक्षकों के बीच खींचतान बनी समस्या का कारणः स्कूल की एक शिक्षिका के अनुसार  वह एक साल तक प्रधानाध्यापक के पद पर थीं, लेकिन अन्य शिक्षकों द्वारा साजिश रचने के कारण उन्हें इस पद से हटा दिया गया।

इसके बाद से स्कूल में मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था बंद हो गई। स्कूल में अन्य शिक्षकों ने प्रधानाध्यापक का पद संभालने से साफ इंकार कर दिया हैं।  जिससे स्थिति और जटिल हो गई हैं।

जल्द सुधार नहीं हुआ तो होगा प्रदर्शनः इस मामले से आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी हैं कि अगर जल्द से जल्द मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो वे स्कूल में ताला जड़कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीणों का कहना हैं कि बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा हैं और प्रशासनिक लापरवाही इसके लिए जिम्मेदार हैं।

प्रभावित छात्र के परिजन भी परेशानः स्कूल के छात्र और उनके परिजन भी इस स्थिति से काफी परेशान हैं। मध्यान्ह भोजन योजना न केवल बच्चों के पोषण का मुख्य स्रोत हैं, बल्कि उनके स्कूल जाने की एक प्रमुख प्रेरणा भी हैं। भोजन की अनुपलब्धता के कारण विद्यार्थी स्कूल नहीं जा रहे हैं, जिससे उनकी शिक्षा भी बाधित हो रही हैं।

सवालों के घेरे में सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयनः यह घटना सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी सवाल खड़ा करती हैं। मध्यान्ह भोजन जैसी महत्वपूर्ण योजना, जो बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं, केवल प्रशासनिक अव्यवस्था और शिक्षकों के बीच तालमेल की कमी के कारण बाधित हो रही हैं। यदि समय रहते इसका समाधान नहीं निकला तो बच्चों का भविष्य प्रभावित हो सकता हैं।

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी का आश्वासनः प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने स्वीकार किया कि शिक्षकों के बीच समन्वय की कमी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई हैं। दो शिक्षकों द्वारा प्रधानाध्यापक का पद न संभालने की वजह से यहां मध्यान्ह भोजन योजना बंद हैं।

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