गाँव-जवारनालंदाबिग ब्रेकिंगबिहार शरीफभ्रष्टाचारशिक्षा

आंगनबाड़ी भोजन में मिली मरी हुई छिपकली, 14 बच्चे हुए बीमार, रसोइया को बंधक बनाया

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। रहुई थाना क्षेत्र अंतर्गत देकपुरा गांव स्थित वार्ड संख्या 11 में आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 14 पर छिपकली गिरा हुआ भोजन खाने से 14 बच्चे बीमार हो गए। इस आंगनबाड़ी केंद्र में सभी छोटे- छोटे बच्चे पढ़ने के बाद भोजन के रूप में बच्चों के बीच रसिया परोसी गयी थी।

जैसे ही बच्चों ने रसिया खाना शुरू किया। इसी दौरान थाली में मरी हुई छिपकली पर बच्चों की नजर पड़ी। खाना में मृत छिपकली को देख बच्चों के बीच हड़कंप मच गया। इसके बाद बच्चों ने इसकी सूचना अपने परिजनों को दी। छिपकली गिरा हुआ भोजन बच्चों के बीच परोसने की जानकारी मिलने पर परिजन भड़क उठे और आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचकर वहां पर मौजूद रसोइया को बंधक बना लिया।

आनन-फानन में डायल 112 और रहुई थाने को सूचना दी गयी। जिसके बाद डायल 112 पुलिस की टीम और रहुई थाने की पुलिस पहुंचकर मामले को शांत कराया। बंधक बनाये रसोइया को छुड़ाया गया। इससे पहले दूषित भोजन करने से सभी बच्चों को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत शुरू हो गई। बच्चों के परिजनों ने सभी बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रहुई में भर्ती कराया।

बीमार बच्चों में रानी कुमारी, आनंद राज, रोशनी कुमारी, जिया कुमारी, शारदा कुमारी, अनुष्का कुमारी, अंकुश कुमार, सन्नी कुमार, मुन्नी कुमारी, सुहानी कुमारी, सोनाली कुमारी, देवराज कुमार, निक्की कुमार और आदित कुमार शामिल हैं।

बच्चों को इलाज कर रहे चिकित्सक डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं। जब इस बात की जानकारी प्रखंड विकास पदाधिकारी धर्मराज कुमार को मिली तो वह अस्पताल पहुंचकर बच्चों से हालचाल जाना और डॉक्टर से मुलाकात की।

साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र की सहायिका और सेविका को सुरक्षा के ख्याल से रहुई थाने की पुलिस थाना ले गई। बाद में सहायिका और सेविका को छोड़ दिया गया। लेकिन इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी रहुई सीडीपीओ बीमार बच्चे से मिलने नहीं पहुंची। जिसे लेकर परिजनों में काफी नाराजगी देखी गई।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

शांति और ध्यान का अद्भुत अनुभव बोधगया वैशाली का विश्व शांति स्तूप विक्रमशिला विश्वविद्यालय के बहुरेंगे दिन राजगीर सोन भंडारः दुनिया का सबसे रहस्यमय गुफा