Friday, January 23, 2026
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    राजगीर हवाई अड्डा के विरोध में गरजे किसान, एक मंत्री पर लगाए आरोप

    राजगीर (नालंदा दर्पण)। बिहार के ऐतिहासिक शहर राजगीर में प्रस्तावित हवाई अड्डा को लेकर विवाद तेज हो गया है। राजगीर प्रखंड के मेयार क्षेत्र में सैकड़ों किसानों ने प्रभातफेरी निकालकर इस परियोजना के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हवाई अड्डे के नाम पर सरकार आर्द्र भूमि का अधिग्रहण करने की साजिश रच रही है। जिससे पर्यावरण और स्थानीय जीवन प्रभावित होगा।

    प्रदर्शनकारी किसानों और मजदूरों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि वे अपने पूर्वजों की विरासत और राजगीर की ऐतिहासिक धरोहरों की रक्षा के लिए संघर्ष करेंगे। उन्होंने सरकार से मांग की कि हवाई अड्डे का निर्माण राजगीर से कम से कम 15-20 किलोमीटर दूर किया जाए। ताकि इससे होने वाले संभावित दुष्प्रभावों से बचा जा सके।

    राजगीर में जरासंध का अखाड़ा, नौलखा मंदिर, गर्म जल का झरना, नालंदा विश्वविद्यालय, आरक्षी प्रशिक्षण केंद्र, स्टेडियम और फिल्म सिटी जैसी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरें स्थित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन स्थलों पर पहले से ही पर्यावरणीय दबाव है और हवाई अड्डा बनने से कार्बन उत्सर्जन और मानवीय हस्तक्षेप और बढ़ जाएगा।

    वन विभाग के अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि वे नालंदा के बुद्धकालीन तालाबों और जलाशयों का संरक्षण करें तथा आर्द्र भूमि की रक्षा के साथ पशु-पक्षियों के मुक्त विचरण को सुनिश्चित करें। नवादा के वन अधिकारियों को भी घोड़ाकटोरा और राजगीर के आसपास की आर्द्र भूमि के संरक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह कार्य भारत सरकार की वन संरक्षण नीति और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत किया जा रहा है।

    हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने बिहार सरकार के एक स्थानीय मंत्री पर आरोप लगाया कि वे नियम-कानूनों को ताक पर रखकर आर्द्र भूमि को उजाड़ने पर आमादा हैं। किसानों का कहना है कि मंत्री अपने निजी स्वार्थ के कारण इस परियोजना को आगे बढ़ा रहे हैं। जबकि इससे स्थानीय पारिस्थितिकी और आजीविका को भारी नुकसान हो सकता है।

    किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को अनसुना किया तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस मुद्दे पर सरकार या प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। जबकि स्थानीय स्तर पर विरोध बढ़ता जा रहा है।

    Mukesh Bhartiyhttps://nalandadarpan.com/
    वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके।

    1 COMMENT

    1. Airport to wahi ban na chahiye. Villagers ko compensate kre sarkar. baki ye sb pollution aur environment condition sb bogas hai. Govt jitni jaldi hosake utni jaldi airport ka parichalan shuru krne hetu jald se jald ground level pe kaam shuru karaye. Humare Rajgir ko Develop kre

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    The unsolved mysteries of the ancient Nalanda University राजगीर पांडु पोखर एक ऐतिहासिक पर्यटन धरोहर Rajgir Sone Bhandar is the world’s biggest treasure Artificial Intelligence is the changing face of the future