Friday, January 23, 2026
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    फूड इंस्पेक्टर की 52.8 लाख की प्रोपर्टी होगी जब्त, नालंदा-पटना में बनाई अकूत संपत्ति

    बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। पटना की एक विशेष अदालत ने खाद्य निरीक्षक (फूड इंस्पेक्टर)सुरेंद्र कुमार की लगभग 52 लाख रुपये की आय से अधिक संपत्ति को जब्त करने का आदेश पारित किया है।

    विशेष न्यायालय अधिनियम के तहत गठित विशेष अदालत के प्राधिकृत पदाधिकारी बृजेश कुमार पाठक ने मामले में सुनवाई के बाद पटना डिवीजन के खाद्य निरीक्षक सुरेंद्र कुमार की 52 लाख 80 हजार 333 रुपयों की आय से अधिक संपत्ति को चिह्नित करते हुए इसे राजसात करने का आदेश दिया। अदालत ने जिलाधिकारी (DM) को एक माह के भीतर जब्ती की कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

    विशेष लोक अभियोजक राजेश कुमार ने बताया कि पटना डिवीजन के तत्कालीन खाद्य निरीक्षक सुरेंद्र कुमार के खिलाफ वर्ष 2013 में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया था। पटना के कंकड़बाग इलाके में तीन और नालंदा जिले में आठ बड़े महंगे भूखंड पाए गए हैं।

    आरोपों के अनुसार 1979 से 2013 के बीच सुरेंद्र कुमार ने अपनी आय के सभी ज्ञात स्रोतों से लगभग 1 करोड़ 20 लाख 6 हजार 984 रुपये की संपत्ति अर्जित की थी। जो उनकी वैध आय से कहीं अधिक थी।

    जब निगरानी विभाग को इस अनियमितता की सूचना मिली तो विशेष न्यायालय अधिनियम 2017 के तहत आय से अधिक संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई। अदालत ने सुनवाई के बाद 52.8 लाख रुपये की संपत्ति को जब्त करने का आदेश दिया।

    अदालत ने स्पष्ट किया कि सरकारी पदों पर रहते हुए भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह आदेश भ्रष्टाचार पर नकेल कसने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। जिलाधिकारी एक माह के भीतर इस आदेश का पालन सुनिश्चित करें और खाद्य निरीक्षक की अवैध संपत्ति को जब्त करें।

    Mukesh Bhartiyhttps://nalandadarpan.com/
    वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके।

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