यहाँ सरकारी बाबूओं की सांठगांठ से मनरेगा में लूट की खुली छूट, प्रशासन-सरकार मौन

बेन (नालंदा दर्पण)। बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री एवं स्थानीय विधायक सरवन कुमार के गृह प्रखंड  बेन क्षेत्र में मनरेगा की क्रियान्वित योजनाओं में लूट की होड़ मची हुई है। इसमें कार्यक्रम पदाधिकारी, पीटीए, जेई से लेकर पंचायत रोजगार सेवक तक की मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता।

मनरेगा पीओ की अनदेखी कहें या संलिप्तता से मनरेगा कर्मी इसका भरपूर लाभ उठा रहे हैं। यही वजह है कि क्रियान्वित योजनाओं में योजना स्थल पर बोर्ड नहीं लगाया जा रहा है। बोर्ड नहीं लगाने पर प्राक्कलन में आसानी से चोरी की जा सकती है।

जबकि सरकार का स्पष्ट आदेश है कि किसी भी योजना के कार्यस्थल पर सूचना बोर्ड जरूर लगाएं। बोर्ड में योजना का नाम, योजना की प्राक्कलित राशि, संवेदक का नाम आदि का जिक्र होता है।

सामाजिक कार्यकर्ता अरविन्द प्रसाद उर्फ भोली बाबू द्वारा बताया गया कि बेन प्रखंड के एकसारा, मैंजरा, बारा, ऑट, अरावां पंचायतों में मनरेगा के तहत योजनाएं क्रियान्वित हो रही है। जिसमें कार्यस्थल पर योजना का बोर्ड नहीं लगाए जानें से सरकारी राशि की लूट की जा रही है।

उन्होंने प्रखंड के ग्राम पंचायतों में हो रही पईन खुदाई एवं  अन्य कार्यों में खानापूर्ति कर मनरेगा द्वारा सरकारी राशि की लूटपाट किए जानें का आरोप लगाया है और इसकी चर्चा पंचायत से लेकर प्रखंडों में खूब हो रही है।

सामाजिक कार्यकर्ता ने शिकायत में यह भी लिखा है कि मनरेगा के पीओ, जेई, रोजगार सेवक, मुखिया एवं विचौलियों की मिलीभगत से प्राक्कलन की अनदेखी कर खानापूर्ति कर पईन की खुदाई में सिर्फ़ और सिर्फ ऊपरी भाग छिल दिया जा रहा है और राशि की बंदरबाट कर ली जा रही है।

उन्होंने यह भी शिकायत में लिखा है कि गलत जाब कार्ड लगाकर एवं कई ऐसे जाब कार्डधारी जो काम नहीं किए उन्हें प्रलोभन देकर उनके खाते पर रुपए भेजकर रुपए की लूट की गई। जबकि पुरुष को 65 एवं महिला को 57 घनफीट मिट्टी काटकर अलंंग पर रखना है।

इस संबंध में उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी, जिला उप विकास आयुक्त, जिलाधिकारी एवं अनुमंडल पदाधिकारी से शिकायत कर जांच कराकर हीं राशि भुगतान का आदेश दिया जाए और दोषी पाए जाने वाले लोगों पर कार्रवाई करने की भी मांग की है। 

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