बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ की चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक तैयारियों को अंतिम रूप देने हेतु एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया। जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य बाढ़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को सुनिश्चित करना था।
जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने संबंधित अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड में हो रही भारी बारिश के कारण गया के मानपुर में बाढ़ का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए उदेरा स्थान से धीरे-धीरे पानी छोड़ा जाए। ताकि एकंगरसराय में लोकाईन नदी के तटबंध पर दबाव कम हो और तटबंध कटने का खतरा न्यूनतम रहे।
उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि भारी बारिश के कारण उत्पन्न होने वाली बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तटबंधों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। खास तौर पर रात के समय तटबंधों की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।
साथ ही पर्याप्त मात्रा में श्रमिक, बालू भरे बोरे, बांस-बल्ला, फ्लड लाइटिंग और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि यदि कहीं से भी तटबंध टूटने की सूचना मिले तो तत्काल मरम्मत कार्य शुरू किया जाए।
कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण ने बताया कि बाढ़ वर्ष 2025 की तैयारियों के तहत विभिन्न नदियों पर बने जमींदारी बांधों के कमजोर स्थलों, जैसे- देकपुरा, कुल्टी, जीराईनपुरी, सिद्धीविगहा, कटौना, इतासंग और अन्य स्थानों पर बालू भरे बोरों का भंडारण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त बिन्द गाँव, नौरंगा गाँव, जाना गाँव, छापन खंधा और सैनिक स्कूल के पास बालू का भंडारण भी सुनिश्चित किया गया है।
वहीं पंचाने नदी, जो बिहारशरीफ शहर से होकर गुजरती है, उसमें जलकुम्भी और कचरे की सफाई के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसके लिए आठ एक्सकेवेटर, 32 ट्रैक्टर, और आवश्यकतानुसार मजदूरों की व्यवस्था की गई है। हवनपुरा रहुई, फतेहली, भदाई, अस्थावाँ जैसे स्थानों पर बांस और आरी का भंडारण किया गया है।
बाढ़ से बचाव के लिए त्वरित कार्रवाई हेतु दो मोबाइल एम्बुलेंस (ट्रैक्टर) की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक एम्बुलेंस पर जनरेटर, फ्लड लाइट, दस मजदूर, खाली बोरे, गिट्टी, बालू और बांस उपलब्ध कराए गए हैं। यह व्यवस्था आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
इस अवसर पर नगर आयुक्त, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता (आपदा), सभी अनुमंडल पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता (बाढ़ नियंत्रण) और संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी आदि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। सभी अधिकारियों ने बाढ़ से निपटने के लिए अपनी तैयारियों और योजनाओं को साझा किया।








