बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले में हाल के दिनों की सबसे बड़ी चोरी की घटना का लहेरी थाना पुलिस ने सफल उद्भेदन करते हुए अंतर्राज्यीय चोर गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 132.68 ग्राम सोना, 23 लाख 39 हजार रुपये नकद, एक केटीएम मोटरसाइकिल और चोरी में इस्तेमाल किए गए औजार बरामद किए हैं। पुलिस अब नए आपराधिक कानून के तहत अपराधियों द्वारा अर्जित संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर रही है।
बंद घर को बनाया निशाना, लाखों की संपत्ति पारः घटना 26 फरवरी की है, जब शिवपुरी भैसासुर मोहल्ले में रहने वाले अविनाश कुमार के घर को चोरों ने निशाना बनाया। उस समय घर बंद था। चोरों ने मौके का फायदा उठाते हुए गोदरेज अलमारी का ताला तोड़ दिया और उसमें रखे जेवरात व नकदी पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित परिवार के अनुसार चोरी में करीब 73 लाख रुपये के जेवरात और नकदी गायब हो गई थी। इतनी बड़ी चोरी की खबर सामने आते ही इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस पर जल्द खुलासा करने का दबाव बढ़ गया।
तकनीकी जांच से खुला गिरोह का राजः मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक भारत सोनी के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर पुलिस ने कुख्यात चोर आदित्य कुमार उर्फ चिकारा उर्फ मनीष की पहचान की।
इसके बाद पुलिस ने पटना सिटी बाईपास स्थित एक किराए के मकान पर छापा मारकर आदित्य कुमार और उसके सहयोगी विपेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने चोरी की पूरी साजिश और अपने अन्य साथियों की भूमिका का खुलासा कर दिया।
चोरी का नेटवर्क: चोर से लेकर सुनार तकः जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह चोरी के बाद जेवरात को तुरंत बेचने या गलाने की व्यवस्था कर लेता था ताकि पहचान के सबूत खत्म किए जा सकें। पुलिस ने इसी कड़ी में चोरी के जेवरात खरीदने और गलाने वाले रजत खत्री और कपिल कुमार को भी पटना से गिरफ्तार किया।
इसके अलावा गिरोह के सदस्य रोहित शर्मा और रोशन कुमार को भी दबोच लिया गया। पुलिस के अनुसार यह गिरोह अलग-अलग जिलों में सक्रिय रहकर बंद घरों को निशाना बनाता था और चोरी के बाद माल को तेजी से ठिकाने लगाने के लिए सुनारों के नेटवर्क का इस्तेमाल करता था।
साजिश में शामिल निकली मां और बहनः इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया कि मुख्य आरोपी आदित्य की मां सविता देवी और बहन वर्षा कुमारी भी चोरी के माल को छिपाने और नकदी को सुरक्षित रखने की साजिश में शामिल थीं। पुलिस ने दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया है।
एसपी के अनुसार इन महिलाओं की भूमिका चोरी की रकम और सामान को छिपाने तथा गिरोह को बचाने की कोशिश में सामने आई है।
पेशेवर अपराधी है मुख्य आरोपीः पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी आदित्य कुमार उर्फ चिकारा एक पेशेवर अपराधी है। उसके खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में सात से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं रजत खत्री का भी आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले दो बार जेल जा चुका है।
अपराध से अर्जित संपत्ति होगी जब्तः एसपी भारत सोनी ने बताया कि अब नए आपराधिक कानून बीएनएसएस के तहत अपराधियों द्वारा अवैध रूप से अर्जित संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसका उद्देश्य यह है कि अपराध से कमाई गई संपत्ति अपराधियों के पास न रह सके और ऐसे गिरोहों पर आर्थिक चोट की जा सके।
टीम को मिलेगा पुरस्कारः इस पूरे मामले के खुलासे में लहेरी थानाध्यक्ष, बिहार थानाध्यक्ष दीपक सम्राट और जिला सूचना इकाई की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एसपी ने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
बढ़ती चोरी की घटनाओं पर भी उठे सवालः हालांकि इस मामले का खुलासा पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, लेकिन लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बंद घरों की निगरानी, सीसीटीवी नेटवर्क और मोहल्ला स्तर पर सतर्कता बढ़ाने से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और आशंका है कि इस गिरोह के तार अन्य जिलों या राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों के नाम सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। समाचार स्रोतः मीडिया रिपोर्टस्




