Friday, February 13, 2026
अन्य

    अभद्र आरोपों से घिरे जिला शिक्षा पदाधिकारी, कार्यालय में हंगामा, आंदोलन की चेतावनी

    बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय गुरुवार को उस वक्त विवादों के केंद्र में आ गया, जब कार्यालय के दर्जनों कर्मचारियों ने डीईओ आनंद विजय पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ खुला विरोध दर्ज कराया। आरोप है कि डीईओ द्वारा लगातार अभद्र भाषा, अपमानजनक व्यवहार और तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है, जिससे कार्यालय का माहौल तनावपूर्ण हो गया है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार नालंदा डीईओ कार्यालय में लगभग 75 कर्मचारी कार्यरत हैं। सभी कर्मचारियों ने एक स्वर में आरोप लगाया कि आनंद विजय के पदभार ग्रहण करने के बाद से कार्यालय में काम करना कठिन हो गया है।

    कर्मचारियों का कहना है कि छोटी-छोटी बातों पर डांट-फटकार, ऊंची आवाज में बात करना और अपशब्दों का प्रयोग अब आम बात हो गई है, जिससे उनका मानसिक उत्पीड़न हो रहा है।

    गुरुवार को स्थिति उस समय और बिगड़ गई, जब कथित तौर पर डीईओ और कुछ कर्मचारियों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि हाथापाई की नौबत तक आ गई। हालांकि अन्य कर्मचारियों के हस्तक्षेप से मामला किसी तरह शांत कराया गया, लेकिन कार्यालय में लंबे समय तक तनाव का माहौल बना रहा।

    कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें न तो सम्मानजनक व्यवहार मिलता है और न ही अपनी बात रखने का अवसर। इससे उनका मनोबल लगातार गिर रहा है।

    कर्मचारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि डीईओ के व्यवहार में शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। साथ ही पूरे मामले की लिखित शिकायत जिलाधिकारी से करने की तैयारी भी की जा रही है।

    सूत्रों के मुताबिक शिक्षा विभाग से जुड़ी एक गोपनीय चिट्ठी के वायरल होने से डीईओ काफी नाराज थे। इसी को लेकर उन्होंने कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई, जिसके बाद विवाद ने तूल पकड़ लिया।

    वहीं इन आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी आनंद विजय ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि कार्यालय में अनुशासन बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए थे, जिसे कुछ कर्मचारी गलत तरीके से पेश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी के साथ अभद्र व्यवहार नहीं किया गया है।

    फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम को लेकर शिक्षा विभाग और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर जारी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या जांच कार्रवाई की जाती है।

    समाचार स्रोतः नालंदा दर्पण डेस्क के लिए बिहारशरीफ से तालिब की रिपोर्ट

    Nalanda Darpanhttps://nalandadarpan.com/
    नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    आपकी खबरें

    error: Content is protected !!