आरएमपी हत्याकांड का खुलासा, मुख्य संदिग्ध आरोपी समेत 2 युवक गिरफ्तार

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा पुलिस ने एक जटिल हत्या मामले को सुलझाने में सफलता हासिल की है। जोकि प्रतिशोध की भावना के खतरनाक परिणामों को दर्शाती है और समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर देती है।

इसकी जानकारी देते हुए बिहारशरीफ सदर एसडीपीओ नूरूल हक ने बताया कि अस्थावां थाना क्षेत्र के चुलिहारी गांव में 31 जुलाई की रात को हुई एक आरएमपी चिकित्सक की हत्या के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

मृतक की पहचान 24 वर्षीय सुमन कुमार गिरी के रूप में हुई थी, जो आरएमपीओ राजेश कुमार गिरी के पुत्र थे और पेशे से वे भी एक आरएमपी चिकित्सक थे। उनका शव 1 अगस्त की सुबह चुलिहारी रोड पर मिला था।

जांच के दौरान पता चला कि मृतक उस रात अपने पिता के कहने पर इलाज के लिए किशनपुर महानंदपुर गांव गए थे, जहां से वे जीवित वापस नहीं लौटे। पुलिस ने वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल करते हुए मामले की जांच शुरू की।

सीसीटीवी फुटेज की मदद से और तकनीकी साक्ष्य एकत्र करके जांच टीम ने 26 वर्षीय दीपक कुमार को मुख्य संदिग्ध के रूप में चिह्नित किया। उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना और अपने साथी विक्रम कुमार का अपराध में शामिल होना स्वीकार किया।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह हत्या पिछले साल दीपक कुमार के भाई रोहित पर हुए हमले का बदला था। उसे जानकारी मिली थी कि यह हमला मृतक के परिवार द्वारा करवाया गया था। इसी कारण दीपक ने अपने साथियों के साथ मिलकर मृतक को मारने की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया। दोनों गिरफ्तार आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं।

सदर एसडीपीओ ने बताया कि मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। इस मामले को सुलझाने में नालंदा पुलिस की त्वरित कार्रवाई और वैज्ञानिक तरीकों के उपयोग की सराहना की जा रही है।

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