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सभी बैंकों को DLCC की बैठक में ऋण प्रक्रिया सुधार और समन्वय का सख्त निर्देश

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिला पदाधिकारी (DM) कुंदन कुमार की अध्यक्षता में जिला अग्रणी बैंक के तत्वावधान में जिला स्तरीय सलाहकार समीक्षा समिति (DLCC) की बैठक का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न बैंकों और सरकारी विभागों के वरीय अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में बैंकिंग सेवाओं की प्रगति, योजनाओं के कार्यान्वयन और आर्थिक विकास को गति देना था। हालांकि कुछ बैंकों की अनुपस्थिति पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई और सभी बैंकों को स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) के नियमानुसार बैठक में अनिवार्य रूप से शामिल होने का निर्देश दिया।

डीएम कुंदन कुमार ने बैंकों की कार्यशैली पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ऋण प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब, बार-बार दस्तावेजों की मांग और लाभुकों को परेशान करने की प्रवृत्ति बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बैंकों को अपनी प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया। ताकि आम लोगों विशेषकर किसानों और छोटे उद्यमियों को आसानी से ऋण सुविधा मिल सके।

बैठक में डीएम ने कृषि क्षेत्र में हाई वैल्यू क्रॉप्स और फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने बैंकों से किसानों को कृषि उद्यमी बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इसके तहत किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के अंतर्गत पशुपालन और मत्स्य पालन से जुड़े लाभुकों को सुगमता से ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि इन क्षेत्रों में ऋण वितरण को प्राथमिकता दी जाए, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।

जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमइजीपी) और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमइ) जैसी योजनाओं के लिए एक मानक प्रारूप और आवश्यक दस्तावेजों की स्पष्ट सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया। इससे ऋण आवेदन प्रक्रिया को और सरल बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही जिला उद्योग महाप्रबंधक को अस्वीकृत आवेदनों की लाभुक-वार समीक्षा करने और उनके साथ विशेष बैठक आयोजित करने का आदेश दिया गया ताकि आवेदनों में कमियों को दूर किया जा सके।

बैठक में नीलाम वादों की समीक्षा के दौरान डीएम ने ऋण वसूली की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, सभी बैंकों को रजिस्टर 9 और 10 के मिलान के साथ तलवाना शुल्क की समय पर अदायगी सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया। डीएम ने इस बात पर जोर दिया कि इन प्रक्रियाओं में लापरवाही से जिले के आर्थिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

डीएम कुंदन कुमार ने सभी बैंकों और विभागों से आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिले के समग्र आर्थिक विकास के लिए सभी को एकजुट होकर काम करना होगा। इसके साथ ही उन्होंने बैंकों से अपने कार्यों से जुड़ी सफलता की कहानियाँ साझा करने का आग्रह किया ताकि अन्य लोग भी प्रेरित हो सकें और योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे।

बैठक में उप विकास आयुक्त श्रीकांत कुंडलिक खांडेकर, सहायक समाहर्ता कृष्णा जोशी, वरीय उप समाहर्ता (बैंकिंग) संजीत बक्शी, नाबार्ड के डीडीएम अमृत वर्णवाल, आरबीआई प्रतिनिधि आशीष रंजन, पंजाब नेशनल बैंक के मंडल प्रमुख संदीप चौधरी, बिहार ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक अमरनाथ चौधरी सहित कई बैंकों और विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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