30 जून तक प्रशिक्षण नहीं लेने वाले शिक्षकों को होगा बड़ा नुकसान

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने छह दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण को लेकर लापरवाह बने शिक्षकों के प्रति कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने सूबे के जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा) को शिक्षकों के प्रशिक्षण दिए जाने के बाद ही वार्षिक वेतन वृद्धि दिए जाने का पत्र भेजा है।

उन्होंने लिखा है कि सतत व्यावसायिक विकास योजना के अन्तर्गत शिक्षकों के व्यावसायिक विकास के लिए राज्य के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत सभी शिक्षकों को शिक्षा विभाग द्वारा संचालित चरणवार सेवाकालीन एवं आरंभिक आवासीय प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है। प्रशिक्षण का संचालन राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद  के निर्देशन में राज्य के सभी सीटीई, डायट, पीटीईसी, बाईट, बिपार्ड पटना, बिपार्ड गया एवं परिषद् परिसर में किया जा रहा है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम गत वर्ष 3 जुलाई, 2023 से निरन्तर संचालित है, जिसमें लगभग 6 लाख शिक्षकों ने विभिन्न स्तर का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। परन्तु अभी भी कई ऐसे शिक्षक हैं, जिन्होंने अभी तक किसी भी स्तर का प्रशिक्षण नहीं प्राप्त किया है।

उक्त आलोक में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी एव जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना एवं समग्र शिक्षा) को आदेश दिया जाता है कि वैसे शिक्षक जिन्होंने 3 जुलाई, 2023 से अभी तक किसी भी स्तर का प्रशिक्षण नहीं प्राप्त किया है, उन्हें चिह्नित कर 30 जून, 2024 तक अनिवार्य रूप से उनका प्रशिक्षण कराना सुनिश्चित करें।

वैसे शिक्षक, शिक्षिका, प्रभारी प्रधानाध्यापक, प्रधानाध्यापक, जिन्होंने प्रतिनियुक्ति के बावजूद किसी भी स्तर का प्रशिक्षण प्राप्त नहीं किया है, उन्हें चिहिन्त करते हुए 30 जून, 2024 तक प्रशिक्षण पूरा कराना सुनिश्चित करें, अन्यथा की स्थिति में वैसे शिक्षकों के वार्षिक वेतन वृद्धि पर रोक लगाने का निदेश दिया जाता है। यह रोक उनके प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद निर्धारित तिथि से पुनः देय होगा।

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