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हिलसा रेलवे स्टेशन पर बेकाबू भीड़ ने मगध एक्सप्रेस पर बोला हमला

हिलसा (नालंदा दर्पण)। प्रयागराज महाकुंभ स्नान के लिए उमड़ रही भीड़ ने रेलवे व्यवस्था को पूरी तरह से चरमरा दिया है। बड़े स्टेशनों के साथ-साथ अब छोटे-छोटे रेलवे स्टेशनों पर भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु जुट रहे हैं। जिससे हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। बीते शाम हिलसा रेलवे स्टेशन पर ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब इस्लामपुर से नई दिल्ली जाने वाली मगध एक्सप्रेस के पहुंचते ही यात्रियों की भीड़ ने ट्रेन पर हमला कर दिया।

शाम करीब चार बजे जैसे ही मगध एक्सप्रेस स्टेशन पर पहुंची, वैसे ही ट्रेन में चढ़ने के लिए भगदड़ मच गई। पहले से ही भरी हुई बोगियों में घुसने की कोशिश कर रहे यात्रियों ने खिड़कियों और दरवाजों पर जोर-आजमाइश शुरू कर दी। कई यात्रियों ने तो स्लीपर और एसी कोच की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए और इमरजेंसी खिड़की से घुसने का प्रयास करने लगे। ट्रेन छूटने की आशंका से घबराए यात्रियों की भीड़ उग्र हो गई। जिससे स्थिति और भयावह हो गई।

मगध एक्सप्रेस को हिलसा रेलवे स्टेशन पर महज 2 मिनट रुकने का समय था, लेकिन बेकाबू भीड़ के कारण ट्रेन को 22 मिनट तक रोका गया। इस आपाधापी में कम से कम आधा दर्जन यात्री घायल हो गए। जबकि दर्जनों यात्री ट्रेन नहीं पकड़ सके। ट्रेन छूट जाने के बाद गुस्साए यात्रियों ने टिकट काउंटर पर हंगामा शुरू कर दिया और टिकट वापस कराने की मांग करने लगे।

स्थिति बिगड़ती देख स्टेशन मास्टर ने यात्रियों को शांत कराने की कोशिश की। लंबी बातचीत के बाद उन्होंने सभी छूटे हुए यात्रियों की टिकट वापस कराई। जिसके बाद हालात सामान्य हुए। हालांकि रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से संयम बरतने की अपील की है। लेकिन महाकुंभ की भीड़ को देखते हुए आने वाले दिनों में इस तरह की घटनाओं के दोहराने की आशंका बनी हुई है।

बहरहाल, प्रयागराज महाकुंभ के चलते रेलवे पर भारी दबाव बना हुआ है। ट्रेनें पहले से ही फुल चल रही हैं, और अनारक्षित यात्री आरक्षित बोगियों में जबरदस्ती घुस रहे हैं। रेलवे सुरक्षा बल) की तैनाती के बावजूद हालात काबू से बाहर होते जा रहे हैं। यदि जल्द ही पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में रेलवे को और बड़ी अव्यवस्था और हिंसक झड़पों का सामना करना पड़ सकता है।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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