सर्पदंश से महिला की मौत, झाड़-फूंक में उलझे रहे परिजन

हिलसा (नालंदा दर्पण)। हिलसा नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 26 अंतर्गत लालसे बिगहा गांव में सर्पदंश से एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां झाड़-फूंक के चक्कर में एक महिला की जान चली गई। मृतका की पहचान गांव निवासी रविंद्र प्रसाद की पत्नी 60 वर्षीय कौशल्या देवी के रूप में हुई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अहले सुबह कौशल्या देवी खेत से तोड़ा (सब्ज़ी या पत्तेदार साग) लाने गई थीं। इसी दौरान उन्हें एक जहरीले सांप ने डस लिया। सर्पदंश की सूचना मिलते ही परिजन महिला को अस्पताल ले जाने की बजाय पहले झाड़-फूंक और ओझा-गुनी के भरोसे बैठ गए। धीरे-धीरे कौशल्या देवी की स्थिति बिगड़ती चली गई।

जब उनकी हालत गंभीर हो गई, तब परिजनों ने उन्हें आनन-फानन में अनुमंडलीय अस्पताल हिलसा पहुंचाया। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने महिला को मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद मृतका के घर में कोहराम मच गया। हिलसा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया।

कौशल्या देवी के दो पुत्र हैं, जो इस घटना से गहरे सदमे में हैं। गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने घटना पर गहरी पीड़ा जताते हुए सरकार से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।

यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी अंधविश्वास और झाड़-फूंक पर निर्भरता की दुखद हकीकत को उजागर करती है। समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से शायद कौशल्या देवी की जान बच सकती थी। विशेषज्ञों और स्वास्थ्य कर्मियों का मानना है कि ऐसे मामलों में तत्काल चिकित्सा हस्तक्षेप ही जीवन रक्षक साबित होता है।

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