बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार सरकार ने राज्य के स्कूलों में दिव्यांग बच्चों की शिक्षा (Bihar Education) को सशक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शिक्षा विभाग ने घोषणा की है कि जल्द ही राज्य के उन स्कूलों को चिह्नित किया जाएगा, जहां दिव्यांग बच्चों की संख्या अधिक है। इन स्कूलों में विशेष रूप से प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। ताकि इन बच्चों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा सके।
डॉ. मदन मोहन झा स्मृति सभागार में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने इस पहल की रूपरेखा तैयार की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) इस बैठक से जुड़े थे।
शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विशेष शिक्षकों की चयन प्रक्रिया पूरी होने से पहले उन स्कूलों की पहचान कर ली जाए, जहां दिव्यांग बच्चों की संख्या अधिक है।
उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि सात हजार से अधिक विशेष शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाए और इन शिक्षकों को उन स्कूलों में तैनात किया जाए, जहां उनकी सबसे अधिक आवश्यकता है। इस कदम से न केवल दिव्यांग बच्चों को बेहतर शैक्षिक अवसर मिलेंगे, बल्कि समावेशी शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में शिक्षा मंत्री ने स्कूलों में बच्चों की घटती उपस्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को इस स्थिति पर नजर रखने और नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया। साथ ही अभिभावकों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा तभी प्रभावी होगी, जब बच्चे नियमित रूप से स्कूल आएंगे। इसके लिए अभिभावकों का सहयोग जरूरी है।
शिक्षा मंत्री ने जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि 6 अगस्त को निर्धारित शेड्यूल के अनुसार अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएं। इसके अलावा शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं का समाधान जिला स्तर पर करने के लिए एक तंत्र विकसित करने को कहा गया।
अगले शैक्षणिक सत्र में बच्चों को समय पर पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। साथ ही केंद्रीय विद्यालयों के लिए उपयुक्त जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया को तेज करने की बात कही गई।
इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ, शिक्षा सचिव दिनेश कुमार, अजय यादव सहित शिक्षा विभाग के सभी संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में विभिन्न शैक्षिक योजनाओं और उनकी प्रगति पर भी चर्चा हुई।









