पूर्व रेलवे महाप्रबंधक ने राजगीर-तिलैया रेलखंड का किया निरीक्षण

राजगीर (नालंदा दर्पण)। पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) छत्रसाल सिंह ने गुरुवार को दानापुर मंडल के पटना-बख्तियारपुर-राजगीर अंतर्गत राजगीर-तिलैया रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग विधि से गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ दानापुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) जयंत कुमार सहित सिग्नल, इंजीनियरिंग, परिचालन और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण का उद्देश्य रेलखंड की आधारभूत संरचनाओं, सुरक्षा मानकों, और परिचालन दक्षता को सुनिश्चित करना था।

महाप्रबंधक ने अपने निरीक्षण के दौरान रेलवे ट्रैक, पुलों, सिग्नलिंग प्रणाली, ट्रैक्शन सिस्टम, स्टेशनों, प्लेटफार्मों, फुटओवर ब्रिज और अन्य महत्वपूर्ण संरचनाओं की बारीकी से जांच की। राजगीर, नालंदा, पावापुरी, बिहारशरीफ, वेना, हरनौत और बख्तियारपुर स्टेशनों पर रुककर उन्होंने स्टेशन पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं, स्वच्छता और परिचालन व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रत्येक स्टेशन पर अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत कर उन्होंने मौजूदा चुनौतियों को समझा और उनके समाधान के लिए त्वरित निर्देश दिए।

छत्रसाल सिंह ने निरीक्षण के दौरान रेल परिचालन में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, “रेलवे की विश्वसनीयता और यात्री सुरक्षा हमारी पहली जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार की लापरवाही या बाधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने सिग्नलिंग सिस्टम की कार्यक्षमता, ट्रैक की स्थिति और ट्रेनों की समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया। इसके अलावा, उन्होंने स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं जैसे पीने के पानी, प्रतीक्षालय, और टिकट काउंटर की व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए सुझाव दिए।

निरीक्षण के दौरान राजगीर और बिहारशरीफ जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई। राजगीर, जो एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, वहां स्टेशन की स्वच्छता, फुटओवर ब्रिज की स्थिति और प्लेटफार्म की क्षमता की जांच की गई। महाप्रबंधक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्टेशन पर सुविधाओं का विस्तार किया जाए। बिहारशरीफ स्टेशन पर उन्होंने टिकट काउंटर की कतारों को कम करने और डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देने की बात कही।

निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने कई स्थानों पर तत्काल सुधार के लिए निर्देश जारी किए। उन्होंने ट्रैक मेंटेनेंस, सिग्नल रिपेयर और स्टेशन पर बुनियादी सुविधाओं को अपग्रेड करने के लिए समयबद्ध योजना तैयार करने को कहा। डीआरएम जयंत कुमार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि सभी स्टेशनों पर यात्री सुविधाएं रेलवे के मानकों के अनुरूप हों। इसके अलावा उन्होंने रेलखंड पर मालगाड़ियों और यात्री गाड़ियों के सुचारू संचालन के लिए परिचालन दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया।

बता दें कि राजगीर-तिलैया रेलखंड न केवल स्थानीय यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से भी अहम है। राजगीर और नालंदा जैसे क्षेत्रों में प्राचीन बौद्ध स्थल और विश्व प्रसिद्ध नालंदा विश्वविद्यालय होने के कारण इस रेलखंड पर पर्यटकों की आवाजाही साल भर रहती है। इस रेलखंड के सुचारू संचालन से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलता है, बल्कि बिहार के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है।

महाप्रबंधक ने निरीक्षण के बाद बताया कि इस रेलखंड पर आधुनिकीकरण और विस्तारीकरण की योजनाएं विचाराधीन हैं। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में इस रेलखंड पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने और स्टेशनों पर डिजिटल सुविधाओं को लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा। साथ ही, रेलवे की हरित पहल के तहत स्टेशनों पर सौर ऊर्जा और ऊर्जा-कुशल उपकरणों का उपयोग बढ़ाने की योजना है।

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