एकंगरसराय (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के एकंगरसराय थाना क्षेत्र में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन मुस्कान (Operation Muskan)’ ने उल्लेखनीय सफलता दर्ज की है। विशेष अभियान के तहत पुलिस ने तकनीकी ट्रैकिंग, सघन जांच और मजबूत सूचना तंत्र के सहारे कुल 30 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत 5 लाख 34 हजार 254 रुपये बताई जा रही है।
तकनीक और टीमवर्क का समन्वयः पुलिस सूत्रों के अनुसार पिछले कई महीनों में दर्ज गुमशुदगी की शिकायतों के आधार पर इन मोबाइल फोनों की तलाश की जा रही थी। अभियान के दौरान लोकेशन ट्रैकिंग, आईएमईआई नंबर के आधार पर तकनीकी पहचान, सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच और मुखबिर तंत्र का सक्रिय उपयोग किया गया।
इस समन्वित प्रयास का परिणाम यह रहा कि अलग-अलग स्थानों से मोबाइल बरामद कर लिए गए। सत्यापन और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद इन्हें उनके वास्तविक धारकों को सौंप दिया गया।
मोबाइल वापसी से खिले चेहरेः मोबाइल फोन आज के समय में केवल संचार का साधन नहीं, बल्कि बैंकिंग, शिक्षा, सरकारी सेवाओं और निजी दस्तावेजों का भी प्रमुख माध्यम बन चुका है। ऐसे में मोबाइल गुम होना लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनता है।
जब पुलिस ने एक-एक कर मोबाइल उनके मालिकों को लौटाए तो लाभार्थियों के चेहरों पर संतोष और राहत स्पष्ट दिखाई दी।
लाभान्वित नागरिकों में ज्ञानवर्धक, राजेश चौहान, मदन कुमार, अवधेश प्रसाद सिंह, रविन्द्र पासवान, श्रीकांत चौहान, कमता चौहान, रामानन्द चौहान, छोटे चौहान, सतीश कुमार, आदित्य राज, चंदन कुमार, प्रियंका कुमारी, राकेश प्रसाद, कुन्दन कुमार, विवेक कुमार, मुन्ना कुमार, अंजुला कुमारी, मुकेश कुमार, संतोष कुमार, सोनाली मेहता, नीलू कुमारी, सत्येंद्र रविदास, अभिजीत कुमार, ममता, प्रिंस कुमार, शशिकांत कुमार, रंजीत झा एवं शुभमय कुंदू शामिल हैं।
पुलिस की प्रतिबद्धता और आगे की रणनीतिः हिलसा डीएसपी टू इस्लामपुर कुमार ऋषिराज ने बताया कि बिहार पुलिस द्वारा राज्यव्यापी स्तर पर ऑपरेशन मुस्कान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य गुम मोबाइल फोन को खोजकर सही धारक को लौटाना है। उन्होंने कहा कि एकंगरसराय थाना द्वारा 30 मोबाइल फोन बरामद कर सुपुर्द करना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में इस अभियान को और अधिक प्रभावी तरीके से चलाया जाएगा, ताकि आम नागरिकों की संपत्ति सुरक्षित रहे और अपराधियों में कानून का भय बना रहे।
पुलिस टीम की सक्रिय भूमिकाः इस सफल अभियान में थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार झा, अपर थानाध्यक्ष रुपेश कुमार सिंह, प्रमोद कुमार, पुअनि शैलेश कुमार सिन्हा, पुअनि मोहन पासवान एवं पुअनि ओम किशोर सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मियों की सक्रिय भूमिका रही।
सामाजिक संदेश भी अहमः विश्लेषणात्मक दृष्टि से देखें तो ‘ऑपरेशन मुस्कान’ केवल बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पुलिस-जन सहयोग की एक सकारात्मक मिसाल भी है। इससे न केवल लोगों का पुलिस पर विश्वास मजबूत होता है, बल्कि साइबर और मोबाइल संबंधी अपराधों पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलती है।
एकंगरसराय थाना क्षेत्र में पुलिस को मिली यह सफलता संकेत देती है कि यदि तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग और टीमवर्क के साथ कार्य किया जाए, तो छोटी दिखने वाली घटनाओं में भी बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है। ‘ऑपरेशन मुस्कान’ अपने नाम के अनुरूप इस बार सचमुच कई चेहरों पर मुस्कान लौटाने में सफल रहा है।










