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    Monday, June 24, 2024
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      वाइल्ड लाइफ जू सफारी राजगीर में उष्ण लहर की आग, बचाव में जुटा प्रबंधन

      राजगीर (नालंदा दर्पण)। वाइल्ड लाइफ जू सफारी राजगीर में जानवरों को गर्मी से राहत दिलाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। जिसमें जू सफारी प्रबंधन की ओर से वन्यजीव के सफारी में जल का छिड़काव किया जा रहा है। जिसमें जंगली जानवरों के पसंदीदा अधिवास एरिया के पेड़ पौधों के झुरमुटों सहित, उनके बैठने और सुस्ताने वाले स्थान को भी गीला किया जा रहा है।

      ताकि जंगली जानवरों को गर्मी का एहसास ना हो। साथ ही पर्यटकों को जंगली जानवर का दीदार हो सके इसके लिए विशेष व्यवस्था किया गया है। जिससे जंगली जानवरों का अधिवास एरिया को शीतल कायम रखने की कवायद कुछ हद तक सफल साबित हो रही है और जंगली जानवरों को राहत महसूस करते देखा जा रहा है।

      बता दें कि वाइल्ड लाइफ जू सफारी पंच पहाड़ियों के बीच घिरी है और यह सफारी ठीक सोनागिरि तथा वैभारगिरि पर्वत श्रृंखला के तलहटी में स्थित है। इन दिनों जब तेज धूप से पर्वत तपती है तो इसके तराई वनक्षेत्र में हीट वेव और गर्मी की तपिश के जबरदस्त वातावरण का निर्माण होता है। जिसे ध्यान में रखकर सफारी प्रबंधन द्वारा इन वन्यजीव जंतुओं के उन्मुक्त अधिवास एरिया में वाटर स्प्रिंकलिंग के अलावे, इनके नाईट हाउस यानि बंद बाड़े में कूलर लगाए गए हैं।

      वहीं नाईट हाउस के अंदर बर्फ की सिल्लियां भी रखवाई गई है। ताकि नाईट हाउस के भीतर का तापमान शीतल बना रहे। जिससे उन्मुक्त अधिवास के बाद नाईट हाउस में पहुंचे वन्य जीव को राहत मिल सके। और जरुरत पड़ने पर वन्य जीव, स्वयं को बर्फ की सिल्लियों के संपर्क में रखते हुए शीतलता का अनुभव कर सके।

      वातानुकूलित सफारी बस में सवार पर्यटक, जंगली जानवरों को खुले में उन्मुक्त अधिवास घेरान में पानी के छिड़काव वाले स्थान पर सुस्ताते हुए दीदार कर रहे हैं। वहीं पांचों सफारी अधिवास वाले एरिया में प्राकृतिक तथा कृत्रिम रुप से मौजूद विभिन्न बावड़ी यानि छोटे-छोटे सरावरों में भी पानी उपलब्धता का खास ख्याल रखा जा रहा है। ताकि अधिक गर्मी के दौरान वन्यजीव इन बावड़ियों में गोते लगाकर स्वयं को राहत दे सकें।

      जू सफारी के रेंज ऑफिसर राकेश कुमार के अनुसार जंगल सफारी और जू में गर्मियों के मद्देनजर वन्य प्राणियों की देखभाल के लिए समुचित व्यवस्था की गई है। जिसके अंतर्गत हमने ग्रीन नेट लगाया है। कूलिंग सिस्टम को बेहतर किया है और उन्हें हर जगह पानी उपलब्ध कराने के साथ उनके डाइट में भी बदलाव किया है। भीषण गर्मी को देखते हुए सतत निगरानी की जा रही है।

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