Monday, February 16, 2026
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    जानें TRE-1 और TRE-2 पास शिक्षकों को पदास्थापना के लिए करना होगा कितना इंतजार

    बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार लोक सेवा आयोग की  टीआरई-1, टीआरई-2 में सफलता हासिल किये शिक्षकों को नये पदस्थापना होना था। शिक्षा विभाग के तत्कालीन अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने टीआरई-1, टीआरई-2 आयोजन के पहले हीं यह ऐलान किया था कि इस परीक्षा में सफलता के बाद मेरिट लिस्ट के आधार पर शिक्षकों की पदस्थापना दूसरे विद्यालय या दूसरे जिले में होगी, जिसके लिए सभी अभ्यर्थियों से ऑनलाइन प्राथमिकता मांगी गयी थी।

    यह भी तय हुआ था कि नियमित शिक्षक के रूप में किसी भी हाल में अब टीआरई-1, टीआरई-2 पास किये लोग अपने मूल विद्यालय में नहीं रह पायेंगे। शिक्षा विभाग द्वारा मेरिट लिस्ट के आधार पर शिक्षकों को जिला भी आवंटित किया गया था। कई शिक्षकों का च्वाइस’ अनुरूप जिला भी आवंटित हो गया था और ऐसे लोग अब स्थानांतरण की राह देख रहे थे।

    चर्चा थी कि 15 जून के आसपास इन शिक्षकों को नये विद्यालय आवंटित कर दिया जायेगा, लेकिन विभाग के निर्णय के अनुसार अब इन शिक्षकों को स्थानांतरण के लिए इंतजार करना होगा। निश्चित तौर पर काफी शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। वह इसलिए कि लोग चाह रहे थे कि उनकी पदस्थापना पुराने विद्यालय में हीं रहे।

    क्योंकि जिस तरह से शिक्षा विभाग के पुराने एसीएस द्वारा निर्गत आदेश रोज बदले जा रहे है। ऐसे में इंकार नहीं किया जा सकता है कि यह आदेश भी कहीं बदल ना जाये। ऐसे में निश्चित रूप से अधिकांश शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। लेकिन कुछ वैसे शिक्षक जो दूसरे जिला में नौकरी कर रहे थे, उन्हें अपने जिला लौटने की रही सही उम्मीद पर फिलहाल पानी फिरता नजर आ रहा है।

    हालांकि विभाग ने 30 जून तक हीं स्थानांतरण प्रक्रिया पर रोक लगाई है। माध्यमिक शिक्षा के निदेशक सन्नी सिन्हा द्वारा सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी को 11 जून को पत्र निर्गत किया गया है। जिसमें कहा गया है कि पंचायती राज संस्थानों एवं नगर निकाय संस्थानों द्वारा नियुक्त शिक्षकों को बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक (नियुक्ति स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवा शर्त) नियमावली 2023 के तहत नियुक्त विद्यालय अध्यापकों के वेतन एवं सेवा शर्त को समान बनाने हेतु बिहार विशिष्ट शिक्षा नियमावली 2023 अधिसूचित की गयी है।

    उक्त नियमावली के नियम 4 के तहत बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा मार्च और अप्रैल माह में सक्षमता परीक्षा का आयोजन किया गया, जिसमें 18,78,18 स्थानीय निकाय शिक्षक उत्तीर्ण हुए। उक्त शिक्षकों की काउंसेलिंग एवं पदस्थापना की कार्रवाई विभाग द्वारा प्रक्रियाधीन है।

    इसी बीच विभाग ने निर्णय लिया है कि सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण शिक्षकों के पदस्थापना के पूर्व जिले में किसी भी तरह के शिक्षकों के स्थानांतरण की कार्रवाई नहीं की जाय। पत्र में यह भी आदेश दिया गया है कि सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण स्थानीय निकाय शिक्षकों के काउंसेलिंग एवं पदस्थापना के पूर्व किसी भी कोटि के शिक्षकों का स्थानांतरण नहीं किया जाय। इसके साथ हीं यह भी कहा गया कि अगर मुख्यालय को स्थानांतरण के संबंध में किसी भी तरह की सूचना प्राप्त होती है तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जायेगी।

    अब खबर है कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के पास टीआरई-1 और 2 के शिक्षकों की पदस्थापना से संबंधित संचिका प्रस्तुत भी की गयी थी, लेकिन अपर मुख्य सचिव ने इसे वापस कर दिया है और जून के बाद इस पर विचार करने की बात कही है।

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    नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके।

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