हिलसा नगर परिषद बैठक में बवाल! बैठक छोड़कर भागे मुख्य पार्षद! उप मुख्य पार्षद ने संभाली कमान

हिलसा (नालंदा दर्पण)। हिलसा नगर परिषद की सामान्य बोर्ड बैठक मंगलवार को भारी हंगामे और राजनीतिक खींचतान के बीच चर्चा का विषय बन गई। मुख्य पार्षद धनंजय कुमार द्वारा बुलाई गई बैठक में उस समय माहौल गर्म हो गया, जब वार्ड पार्षदों ने नगर परिषद की कार्यशैली और विकास योजनाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर तीखा विरोध शुरू कर दिया।
बैठक में मौजूद कई पार्षदों ने कार्यपालक पदाधिकारी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि विकास कार्यों में पार्षदों की अनदेखी की जा रही है और योजनाओं को मनमाने तरीके से संचालित किया जा रहा है। विरोध बढ़ता देख बैठक का माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया।
इसी बीच मुख्य पार्षद धनंजय कुमार अचानक बैठक छोड़कर चले गए। उनके बैठक से बाहर निकलने के बाद कुछ देर तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। हालांकि इसके बाद मौजूद 18 वार्ड पार्षदों ने सर्वसम्मति से उप मुख्य पार्षद दुर्गा देवी को बैठक की अध्यक्षता सौंप दी और कार्यवाही दोबारा शुरू की गई।
उप मुख्य पार्षद दुर्गा देवी की अध्यक्षता में शहर के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। विभिन्न वार्डों में लंबित विकास योजनाओं को मंजूरी दी गई। साथ ही शहर की बिगड़ती सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने और खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत के साथ नई लाइटें लगाने का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किया गया।
बैठक के दौरान कई पार्षदों ने कहा कि नगर परिषद में जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। उनका कहना था कि जनता ने उन्हें विकास कार्यों के लिए चुना है, लेकिन योजनाओं के क्रियान्वयन में उनकी राय को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
वहीं बैठक के बाद मुख्य पार्षद धनंजय कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने बैठक स्थगित कर दी थी। अब उप मुख्य पार्षद की अध्यक्षता में हुई बैठक और उसमें लिए गए निर्णयों की वैधानिक स्थिति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
नगर परिषद की इस हंगामेदार बैठक ने शहर की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि पार्षदों द्वारा पारित प्रस्तावों पर प्रशासन आगे क्या रुख अपनाता है।






