इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। मध्यप्रदेश के रीवा में जैन समाज की दो साध्वियों की संदिग्ध सड़क दुर्घटना में हुई मौत के विरोध में इस्लामपुर शहर में जैन धर्मावलम्बियों ने सोमवार को दिगम्बर जैन मंदिर से मौन जुलूस निकाला। हाथों में तख्तियां और चेहरों पर पीड़ा लिए समाज के महिला-पुरुष शहर की सड़कों पर उतरे और संतों की सुरक्षा को लेकर सरकार से न्याय की मांग की।
जुलूस में शामिल लोग संतों का अपमान नहीं सहेगा जैन समाज, जैन समाज की पुकार-न्याय दो, संतों की हत्या नहीं सहेगा समाज, अत्याचार बंद करो जैसे स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर चल रहे थे। मौन जुलूस दिगम्बर जैन मंदिर से शुरू होकर पटना रोड, राजगीर रोड और गया रोड होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंचा।
जैन समाज के अध्यक्ष रविंद्र सिंह तथा महामंत्री सौरव जैन ने कहा कि रीवा में हुई घटना महज दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश प्रतीत होती है। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों को कठोर सजा देने की मांग सरकार से की।
उन्होंने कहा कि जैन संत और साध्वियां त्याग, तपस्या, संयम और अहिंसा के प्रतीक होते हैं। वे भौतिक सुख-सुविधाओं से दूर रहकर समाज को करुणा और शांति का संदेश देते हैं। ऐसे निहत्थे तपस्वियों के साथ लगातार हो रही घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं।
मौन जुलूस में समाज के मंत्री अशोक कुमार जैन, शंकर जैन, मनोज जैन, वर्षा जैन, अविनव जैन, महावीर जैन, गौरव जैन, विशाल जैन, आरती जैन, रूवी जैन, स्वाती जैन, दिलीप जैन एवं पूनम जैन समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल रहे।






