बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। रंग, गुलाल और संगीत के बीच अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट गूंजे तो त्योहार की खुशियां दहशत (Holi crime in Nalanda) में बदल जाती हैं। नालंदा जिला मुख्यालय बिहारशरीफ के बिहार थाना क्षेत्र स्थित नकटपुरा गांव के स्मार्ट सिटी वाटर पार्क में आयोजित ‘रंग बरसे होली मिलन समारोह’ में कुछ ऐसा ही हुआ। जो आयोजन नाच-गाने और उत्सव का मंच बनना था, वह देखते ही देखते हिंसा के अखाड़े में तब्दील हो गया।
इस मामले में चर्चित भोजपुरी गायक रोशन रोही को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना ने न सिर्फ स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सार्वजनिक आयोजनों की सुरक्षा और वैधता को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।
परफॉर्मेंस से विवाद तक: कैसे बिगड़े हालात? प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार समारोह में बड़ी संख्या में युवा मौजूद थे। मंच पर रोशन रोही का परफॉर्मेंस चल रहा था। इसी दौरान गायक के बाउंसरों और कुछ मेहमानों के निजी सुरक्षा कर्मियों के बीच कहासुनी हुई। मामूली बहस ने अचानक उग्र रूप ले लिया।
देखते ही देखते हाथापाई शुरू हो गई और फिर 15 से 20 राउंड फायरिंग की आवाज ने पूरे परिसर को दहला दिया। अफरा-तफरी का ऐसा माहौल बना कि लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कुछ लोग पानी के पूल में कूद गए तो कुछ ने पार्क की दीवार फांदकर बाहर निकलने की कोशिश की।

पत्रकार पर हमला, मोबाइल छीनेः घटना के दौरान कवरेज के लिए पहुंचे पत्रकार ऋषिकेश पर भी हमला हुआ। उनका आरोप है कि जब वे घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे, तभी कुछ स्थानीय युवकों और बाउंसरों ने उन्हें घेर लिया, मारपीट की और उनके दो मोबाइल फोन छीन लिए।
ऋषिकेश ने बताया कि अगर मैं वहां से भाग नहीं पाता तो शायद मेरी जान चली जाती। पत्रकार पर हमले ने घटना को और गंभीर बना दिया है। यह प्रेस की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भी सवाल खड़ा करता है।
ग्रामीण भी चपेट में, तीन घायलः फायरिंग में बसोचक गांव के सुबेलाल कुमार की टांग में गोली लगी। वे खेत से लौट रहे थे और कार्यक्रम से उनका कोई लेना-देना नहीं था। एक 19 वर्षीय युवक भी घायल हुआ, जबकि एक ड्राइवर के सिर में चोट आई। सभी घायलों का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है और डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत खतरे से बाहर है।
सुबेलाल ने कहा कि मैं तो खेत से घर जा रहा था, अचानक गोली चलने लगी। समझ ही नहीं आया कि क्या हो गया।
पुलिस की कार्रवाई, बिना अनुमति था आयोजनः सदर डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि समारोह के लिए प्रशासन से कोई औपचारिक अनुमति नहीं ली गई थी।
पुलिस ने घटनास्थल से चार हथियार बरामद किए हैं और तीन क्षतिग्रस्त वाहनों को जब्त किया है। मुख्य आरोपी रोशन रोही को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश में छापेमारी जारी है। पुलिस का कहना है कि आयोजन की वैधता, हथियारों की मौजूदगी और सुरक्षा प्रबंधन की पूरी जांच की जाएगी।
आखिर क्यों बन रहे हैं त्योहार हाई-रिस्क इवेंट? यह घटना सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि प्रशासनिक चूक और सामाजिक प्रवृत्ति का संकेत भी है।
मुख्य प्रश्न यह है कि बिना अनुमति इतने बड़े आयोजन की सूचना प्रशासन को क्यों नहीं मिली? निजी बाउंसरों के पास हथियार कैसे पहुंचे? आयोजकों ने सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया?
त्योहारों के नाम पर बड़े पैमाने पर हो रहे निजी आयोजनों में अक्सर लाइसेंस, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन योजना की अनदेखी की जाती है। सोशल मीडिया प्रमोशन के कारण भीड़ तो जुट जाती है, लेकिन सुरक्षा इंतजाम कमजोर रह जाते हैं।
सोशल मीडिया पर उबालः घटना के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो और पोस्ट वायरल हो रहे हैं। कई लोगों ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं कुछ यूजर्स ने आयोजकों की लापरवाही को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है।
अब आगे क्या? पुलिस ने संकेत दिया है कि वाटर पार्क प्रबंधन और आयोजन समिति से भी पूछताछ होगी। यदि अनुमति और सुरक्षा मानकों में लापरवाही पाई गई, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई संभव है।
यह घटना होली जैसे उल्लासपूर्ण पर्व पर एक काला धब्बा है। लेकिन उम्मीद की जानी चाहिए कि इससे प्रशासन और समाज दोनों सबक लेंगे। हालांकि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, नई परतें खुलने की संभावना है। स्रोतः मीडिया रिपोर्ट









