गिरियक में ट्रक चालकों की गुंडागर्दी, एंबुलेंस जैसी इमरजेंसी सेवाओं को भी रोका

नालंदा दर्पण डेस्क। हिट एंड रन कानून में बदलाव को लेकर नालंदा जिले के कई इलाकों में दूसरे दिन भी ट्रक चालकों का प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान ट्रक चालकों ने अस्थावां में बरबीघा बिहारशरीफ मुख्य सड़क मार्ग, गिरियक मुख्य सड़क मार्ग और बिहार शरीफ में सोहसराय हाल्ट के पास सड़क को जाम कर दिया।

इस दौरान गिरियक में ट्रक चालकों की गुंडागर्दी भी देखने को मिले, जहां जाम के दौरान इमरजेंसी सेवाओं को भी रोक दिया गया। इस दौरान एंबुलेंस चालक ट्रक चालकों के सामने हाथ जोड़कर मरीज को गंतव्य स्थान तक पहुंचाने की विनती करते दिखे। वही अब इस ट्रक चालकों के इस आंदोलन को जदयू का साथ मिलने लगा है।

नालंदा सांसद कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा किसानों के प्रति काले कानून लाया गया था और दबाव के बाद उसे वापस लेना पड़ा। ठीक उसी तरह इस बार भी केंद्र सरकार के द्वारा हिट एंड रन से जुड़े काले कानून की वापस लेना पड़ेगा।

वहीं हिलसा से जदयू विधायक प्रेम मुखिया ने कहा कि जो लोग 5-5 मर्डर करते हैं, उन्हें 5 वर्ष की सजा होती है। अगर ट्रक से किसी की मौत होती है तो उसे 10 साल की सजा होगी। इस तरह का काला कानून विदेशों में भी लागू नहीं है। फिर केंद्र की सरकार हिंदुस्तान में इस तरह का काला कानून लाकर क्या साबित करना चाहती है।

Show More

Nalanda Darpan

नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »
error: Content is protected !!

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker