चारधाम यात्रा के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, दो सगे भाइयों समेत चार गिरफ्तार
कतरीसराय (नालंदा दर्पण/एस. भारती)। नालंदा जिले के कतरीसराय थाना क्षेत्र अंतर्गत सुन्दरपुर गांव में सक्रिय एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो सगे भाइयों समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
यह गिरोह लोगों को चारधाम यात्रा और अन्य धार्मिक स्थलों की यात्रा कराने का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी करता था। पुलिस ने आरोपितों के पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और साइबर अपराध से जुड़े कई डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं।
जानकारी के अनुसार कतरीसराय थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि सुन्दरपुर गांव में कुछ युवक मिलकर साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहे हैं। सूचना में बताया गया था कि गिरोह हिमालयन हेली सर्विस नामक फर्जी प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को चारधाम यात्रा समेत विभिन्न तीर्थ एवं ऐतिहासिक स्थलों की हेलीकॉप्टर, ट्रेन और बस से यात्रा कराने का प्रलोभन देता था।
बताया जाता है कि आरोपित सोशल मीडिया और मोबाइल कॉल के माध्यम से लोगों से संपर्क करते थे। पहले यात्रा बुकिंग के नाम पर 30 प्रतिशत राशि ऑनलाइन जमा कराते थे, फिर फर्जी टिकट और बुकिंग रसीद भेजकर शेष रकम भी वसूल लेते थे। इसके बाद पीड़ितों से संपर्क तोड़ दिया जाता था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष ने इसकी सूचना नालंदा पुलिस अधीक्षक भरत सोनी को दी। एसपी के निर्देश पर राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में गिरियक पुलिस निरीक्षक सुमंत कुमार एवं कतरीसराय थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर सुन्दरपुर गांव में छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चारों साइबर ठगों को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अंकित कुमार एवं अमन कुमार, दोनों पिता अमर प्रसाद, बॉबी कुमार पिता रंजीत प्रसाद तथा सूरज कुमार पिता राजीव रंजन कुमार, सभी निवासी सुन्दरपुर थाना कतरीसराय, जिला नालंदा के रूप में हुई है।
पुलिस ने इनके पास से छह एंड्रॉयड मोबाइल, एक कीपैड मोबाइल, विभिन्न कंपनियों के कई सिम कार्ड, डिजिटल दस्तावेज एवं साइबर ठगी से संबंधित अन्य सामग्री बरामद की है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपितों ने तीर्थ यात्रा के नाम पर लोगों से ऑनलाइन ठगी करने की बात स्वीकार की है।
थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके नेटवर्क की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया है।
छापेमारी दल में अपर थानाध्यक्ष आदित्य कुमार, एसआई मुकुंद भारती, एएसआई संजय दास समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
इस बीच पूछताछ के लिए पहुंचे साइबर डीएसपी राघवेन्द्र मणि त्रिपाठी ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी ऑनलाइन ऑफर, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक या अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें और ओटीपी व बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
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