राजगीर में मॉब लिंचिंग: झुनकियां बाबा मंदिर के पास दो युवक पीट-पीटकर मार डाला!

राजगीर (नालंदा दर्पण)। बिहार के नालंदा जिले में भीड़ की हिंसा (मॉब लिंचिंग) का एक दर्दनाक मामला सामने आया है। राजगीर थाना क्षेत्र के झुनकियां बाबा मंदिर के पास चोरी के शक में दो युवकों की कथित तौर पर पिटाई के बाद मौत हो गई। मृतकों की पहचान गंजपर निवासी पिंटू पासवान और श्रवण कुमार के रूप में हुई है।
परिजनों के अनुसार दोनों युवक मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनका आरोप है कि कुछ लोग दोनों युवकों को राजगीर मलमास मेला दिखाने के बहाने अपने साथ ले गए और बाद में चोरी का आरोप लगाकर उनके साथ मारपीट की गई।
घटना के बाद गंभीर रूप से घायल दोनों युवकों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर उन्हें पटना के पीएमसीएच रेफर किया गया। इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना में शामिल लोगों की पहचान के लिए कार्रवाई की जा रही है।
मृतक श्रवण कुमार के परिजनों का कहना है कि वह परिवार का मुख्य सहारा था। पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी और परिवार की जिम्मेदारी श्रवण के कंधों पर थी। उसकी मौत से परिवार के सामने आर्थिक और भावनात्मक संकट खड़ा हो गया है।
परिजनों ने इस घटना को सुनियोजित हत्या बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि चोरी जैसे किसी भी आरोप की जांच कानून के दायरे में होनी चाहिए या भीड़ खुद सजा देने लगेगी? विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों का मानना है कि अफवाह और शक के आधार पर हिंसा समाज के लिए गंभीर खतरा है।
पुलिस प्रशासन के सामने अब चुनौती है कि घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।






